
खबर प्रकाशन के बाद जागा प्रशासन

दाने दाने को मोहताज हुए पेंशनर
लिपिक षष्ठी देव सिदार द्वारा अवैध वसूली का दबाव
लैलूंगा= राजकुमार पटेल व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंजपुर विकास खंड लैलूंगा के द्वारा स्वास्थ्य कारणों से शासन के निर्देशानुसार स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति ली गई, इनको सेवानिवृत हुए लगभग 4 माह से अधिक समय व्यतीत हो जाने के उपरांत भी , आज तक किसी प्रकार के स्वत्वों का भुगतान नहीं किया गया है। इस संबंध में समाचार पत्र में खबर प्रकाशित की गई थी , जिसके बाद कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन लैलूंगा के संयोजक मालिक चंद्र भारद्वाज अपने सभी सहयोगी संगठनों के ब्लॉक अध्यक्षों के साथ दिनांक 22 फरवरी 2024 को शाम को विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय लैलूंगा में उपस्थित होकर राजकुमार पटेल सेवानिवृत व्याख्याता के सत्वों के भुगतान के संबंध में चर्चा किए, शेखर सिंह राजपूत प्रभारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी लैलूंगा द्वारा संघ के सदस्यों को बताया गया की , लिपिक षष्ठी देव सिदार द्वारा मुझे इस प्रकरण से अवगत नही करवाया गया , इस कारण यह प्रकरण मेरे जानकारी में नही था , लिपिक द्वारा यदि कोई अवैध वसूली का प्रयास किया गया है तो वो मेरे संज्ञान में नहीं है। उन्होंने बताया की मुझे 2 माह पूर्व ही प्रभार दिया गया है,संघ के सदस्यों द्वारा अधिकारी से कहा गया की राजकुमार जी का स्वास्थ्य खराब है इस हेतु जल्द से जल्द उनके समूह बीमा राशि और अवकाश के नगदीकरण की राशि तत्काल उनको प्रदान करें, इस पर प्रभारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा 2 दिवस के भीतर भुगतान की सहमति दी गई। संघ के सदस्यों द्वारा राजकुमार पटेल से मोबाइल पर सभी के सामने चर्चा की गई , जिसमे राजकुमार पटेल ने बोला की मेरे बाद वालों का सभी का सत्व और पेंशन भुगतान हो गया है परंतु मैं मांगी गई राशि संबंधित लिपिक को नही दे पाया इस हेतु मेरा पेंशन और सत्व भुगतान रोका गया है,जब मैं कलेक्टर महोदय को 20 फरवरी को इस मामले की शिकायत किया और विभिन्न समाचार पत्रों और मीडिया को अवगत कराया तब जिला शिक्षा अधिकारी के कहने पर आनन फानन में मुझे 21 फरवरी को विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बुला कर पेंशन का कागज पर हस्ताक्षर कराए गए हैं,उन्होंने बताया की षष्ठी देव सिदार लिपिक द्वारा आप खुद यहां से कागजात लेकर बिलासपुर चले जाइए और पेंशन स्वीकृत करा लीजिए कहा गया, जो पूर्णतः निंदनीय है, संघ के सदस्यों द्वारा उन्हें समझाया गया की जल्द से जल्द आपके सभी भुगतान करा दिया जाएगा।
अब देखना यह है की जब भुगतान 2 दिवस में हो सकते थे तो फिर इतने लंबे समय तक रोके क्यों गए, बहरहाल प्रभारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी जल्द से जल्द सभी सत्व का भुगतान कराते हैं और लिपिक पर कार्यवाही होती है या नहीं।







