
एक ही काम के दो दो बार भुगतान करने के भ्रष्टाचार को छिपाने के नगर पंचायत लैलूंगा के अधिकारियों ने कर रखी है नस्ती गायब।

लैलूंगा। जहा भ्रष्टाचार की बात हो वहा नगर पंचायत लैलूंगा का जिक्र ना हो ये होही नही सकता।नगर पंचायत लैलूंगा और भ्रष्टाचार का नाता बहुत ही पुराना और गहरा है। कभी ट्यूबलर पोल,तो कभी प्रधान मंत्री आवास तो कभी एक ही कार्य के दो दो बार भुगतान के लिए नगर पंचायत लैलूंगा ने खूब सुर्खियां बटोरी है।इस वजह से नगर सरकार को अविश्वास प्रस्ताव के सहारे गिराया भी जा चुका है।पर नगर पंचायत में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों के तौर तरीको में तनिक भी बदलाव नहीं आता आए भी कैसे नीचे से लेकर ऊपर तक रेवड़ियां जो बाटी जाती रही है।जिसके बल पर सभी जांच को या जांच अधिकारियों को उचित कार्यवाही करने से रोका जाता रहा है।पिछले वर्ष के 7 वे माह से अब तक कई पत्र नगर पंचायत के अधिकारियों को संयुक्त संचालक के कार्यालय से आ चुका है ।पर नगर पंचायत लैलूंगा में बैठे अधिकारियों के कानो में जू तक नहीं रेंग रही है। इस बीच राज्य सरकार भी बदल गई और जांच की रफ्तार के साथ साथ उपरोक्त भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारी और ठेकेदार के मन से डर और दहशत गायब होते जा रहे है।हमे इस विषय में पता चला है की इस भ्रष्टाचार की जांच कराने के लिए तात्कालिक विधायक ने स्वयं तात्कालिक विभागीमंत्री से की थी।अब तो सरकार के साथ साथ विधायक भी बदलजाने से जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठना लाजमी है।इसी भ्रष्टाचार की वजह से नगर सरकार के अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पास हो चुका है।तो कुछ वर्तमान पार्षद इस भ्रष्टाचार के दोषियों पर कार्यवाही करवाने के लिए कमर भी कस चुके है।देखते है आने वाले समय में नई राज्य सरकार किस तरह से इस भ्रष्टाचार पर कार्यवाही करवाती भी है या इसे ठंडे बस्ते में डाल देती है या नगर पंचायत में बैठे भ्रष्ट अधिकारीयो पर कोई कार्यवाही करती है।







