राजमहल पहाड़ मामले की एनजीटी में हुई सुनवाई-फैसला सुरक्षित


फैसले पर टिकी सभी की नजरें
अगली सुनवाई मई माह में
साहिबगंज।जिले के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर द्वारा जिला के ऐतिहासिक राजमहल पहाड़ के संरक्षण व संवर्धन हेतु व जिले में अवैध रूप से संचालित सभी स्टोन माईंस व क्रशर को संपुर्ण रूप से बंद कराने को लेकर एनजीटी ईस्टर्न जोन कोलकाता में दायर याचिका संख्या-23/2017 की गुरूवार को पीठ के जुडिशियल मेंबर जस्टिस बी.अमित स्थालेकर व एक्स्पर्ट मेंबर डा.अरूण कुमार वर्मा ने की.सुनवाई में याचिकाकर्ता अरशद नसर की तरफ़ से कोलकाता हाईकोर्ट के विद्वान अधिवक्ता सुश्री पौशाली बनर्जी व दीपांजन घोष ने पक्ष रखा तो दुसरी तरफ से प्रवर्तन निदेशालय ईडी नई दिल्ली,केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली,सुबे के मुख्य सचिव व झारखंड प्रदूषण बोर्ड रांची की ओर से सरकारी अधिवक्ताओं ने अपन-अपना पक्ष रखा.पीठ ने दोनों पक्षों के दलीलों के सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया.सुनवाई में याचिकाकर्ता अरशद नसर भी उपस्थित थे.एनजीटी द्वारा फैसला सुरक्षित रख लेने से पुलिस प्रशासनिक पदाधिकारियों समेत पत्थर कारोबारियों व माफियाओं के चेहरे पर सिकन पड़ गई है.अब सभी के नजरें आने वाले फैसले पर टिक गईं है.इस मामले की अगली सुनवाई मई माह में होगी.







