


लैलूंगा के लमडांड में समर कैंप का सफल आयोजनः

विद्यार्थियों को मिली महत्वपूर्ण जानकारी और करियर गाइडेंस..
लैलूंगा/लैलूंगा से महज 20 किलोमीटर दूरस्थ अंचल में बसा गाँव जो कि ओड़िसा सीमा से लगा हुआ है।जिसमे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लमडांड के परिसर में आज प्रातः 6:00 बजे से समर कैंप का आयोजन किया गया। राष्ट्रगान के पश्चात कार्यक्रम का प्रारंभ प्राचार्य रमाकांत पटेल द्वारा अतिथियों के स्वागत उद्बोधन और माता सरस्वती की अर्चना से हुआ। इस कार्यक्रम में शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के सदस्यगण, विद्यार्थी, पालक, चिकित्सा विभाग के अधिकारी तथा शिक्षकगण उपस्थित रहे।कार्यक्रम के प्रारंभ में सहायक शिक्षक हीरालाल प्रधान ने समर कैम्प के आयोजन और विद्यार्थियों के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। इस कैम्प में 12वीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को करियर गाइडेंस प्रदान की गई और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध नौकरियों तथा व्यापारी क्षेत्रों के महत्व पर जानकारी दी गई। श्रीमती ममता गुप्ता, व्याख्याता अंग्रेजी, ने अंग्रेजी भाषा के बढ़ते उपयोग और महत्व पर व्याख्यान दिया। व्याख्याता वाणिज्य टीकम प्रसाद पटेल ने वाणिज्य और विभिन्न क्षेत्रों के मध्य अंतर्संबंध पर चर्चा की और विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान किया। विद्यार्थियों को CUET, NEET, JEE, CLAT, UPSC, CGPSC, AGNI VEER जैसी परीक्षाओं से संबंधित जानकारी दी गई और इन परीक्षाओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के तरीकों पर भी चर्चा की गई। किसी दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता के लिए 108 नंबर पर कॉल करने के महत्व और इससे संबंधित सावधानियों पर भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मध्य में पालकों ने अपने विचार साझा किए और SMDC सदस्यों ने विद्यार्थियों को भविष्य के अनुरूप तैयार होने की सलाह दी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लमडांड के चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन बढई ने परीक्षा के डर को दूर करने और तनाव से बचने के उपाय बताए। उन्होंने पालकों को बच्चों में चिंता, तनाव और अवसाद से संबंधित जागरूकता प्रदान की और आपदाओं के समय हृदय आघात से निपटने के उपाय बताए। चिकित्सकने उपस्थित सभी सज्जनों को हृदय आघात के सामान्य लक्षण बहुत ही बारीकी से समझाया तथा हृदयगति रुकने पर रोगी व्यक्ति को CPR करने की विधि का स्वयं प्रदर्शन (डेमो) करके दिखाया। क्योंकि लमडांड एक ग्रामीण क्षेत्र है इसलिए ग्रीष्म तथा वर्षा ऋतुओं में सर्पदंश की घटनाएं ज्यादा देखने को मिलती हैं, इसलिए सर्पदंश (सांप द्वारा काट लेना) होने पर जहर को पूरे शरीर में फैलने के रोकने के उपाय चिकित्सक महोदय द्वारा प्रदान किए गए । दूर दराज के क्षेत्रों में सड़क दुर्घटना होने पर जरूरी मेडिकल सहायता की कमी होने का डर होता है, अतः अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट पहन कर गाड़ी चलने तथा तेज गति से गाड़ी नहीं चलाने का अनुरोध किया गया । एक्सीडेंट होने पर प्राथमिक चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं पर चिकित्सक महोदय ने प्रकाश डाला तथा 108 नम्बर पर काल करने का महत्व समझाया।
CAC श्री दयाराम बेहरा (प्रधान पाठक) ने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम लाने वाले छात्रों को आशीर्वचन दिया और सभी विद्यार्थियों को अच्छे अंकों के साथ अगली कक्षा में जाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पालकों से अपने विचार साझा किए तथा पालकों को शिक्षकों के संपर्क में रहने के कारणों तथा लाभों के महत्व को समझाया।
कार्यक्रम के अंत में हीरालाल प्रधान ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया और सभी को वर्षाकाल में वृक्षारोपण करने तथा तीन वर्ष तक उसकी देखभाल करने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का समापन श्रीमती ममता गुप्ता के धन्यवाद ज्ञापन और प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के साथ हुआ।
समर कैंप का यह आयोजन विद्यार्थियों और पालकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ, जिसमें उन्हें महत्वपूर्ण जानकारी और करियर गाइडेंस प्राप्त हुई।







