





सत्पुरुष महर्षि एनएसयूआई ज़िलाध्यक्ष हुए निर्दोष साबित

रायगढ़- दो दिन पूर्व एनएसयूआई के ग्रामीण जिला अध्यक्ष सत्पुरुष का एक फ़ोटो वायरल हुआ जिसमें कुछ ब्लॉगर न्यूज़ पोर्टल द्वारा उन्हें एसईसीएल छाल में लोहा चोरी का मुख्य सरदार घोषित करते हुए बिना सच्चाई जाने सत्पुरस महर्षि का राजनीतिक हत्या करने की साज़िश के साथ उन्हें बदनाम करने में एड़ी चोटी का ज़ोर लगा दिये वे इस प्रकरण में स्थानीय भाजपा व कुछ कांग्रेस के नेता भी इसे प्रचारित कर अपना स्वार्थ सिद्ध करने लगे
पर जैसे ही यह खबर ज़िले में प्रसारित होने लगी व स्वयं सत्पुरुष महर्षि जो इस कथित मसले पर छाल में मीटिंग लेकर आगे की रणनीति तय कर रहे थे तो उनके साथ सैकडो हज़ारो लोग आग बबूला हो गए तत्पश्चात् उसने इसकी जानकारी विधायक, ब्लाक अध्यक्ष, प्रदेश व ज़िला के वरिष्ठ नेताओं को दी, इस मामले में सभी सत्पुरुष महर्षि के साथ दिखे , तब मामले की गंभीरता को देखते हुए सत्पुरुष ने प्रेस के साथियों को छाल में बताया कि वह 14/6/24 को छाल खदान अन्तर्गत सुरक्षा व्यस्था देख रहे थे, जहां उनका निजी कार्य भी चलता है तभी त्रिपुरा रायफल के जवानों द्वारा छाल के ही दो व्यक्तियों को कांटाघर के पास खेदापाली में स्क्रैप लोहा इकट्ठा करते हुए देखने पर चोरी का संदेह होने से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करते हुए मारपीट किया जा रहा था, तभी उसमे से एक युवक ने मुझे कॉल करके बताया की हम लोग के साथ बिना वजह ऐसा ऐसा हुआ है जल्दी आओ भइया करके जिसका रिकॉर्डिंग भी मेरे पास था व उस रिकॉर्डिंग को इस बात को सभी को बताने के साथ सुनाया भी जो सत्य पाया गया फिर मेरे द्वारा वहाँ जाकर उन लड़को का बात सुनकर त्रिपुरा राइफ़ल के जवानों को बतलाया गया पर मेरी बात का भी कोई बात नहीं सुनते हुए विवाद करते हुए बेवजह मुझे उन सबका सरदार कहते हुए पहले तो गंदी गंदी गालिया दी फिर मारपीट करते हुए मेरे सीने में बंदूक़ अड़ाते हुए उनके साथ दो मिनट के लिए बिठा कर फोटो ले लिया तत्पश्चात् उसी आड़ में कुछ कागज में साइन करवा लिया गया, फिर वहाँ से सबको जाने दिया , मैं वहाँ से इस घटना पर आगे एक्सन लेने की नियत से निकला ही था की वह फ़ोटो और कुछ चोरी की लाइने वायरल कर दी गई जिससे मैं और ज्यादा आहत हुआ व इस बात को मैंने मौखिक तौर पर secl प्रबंधन थाना छाल में भी बताया। इस मामले में बेवजह मुझे फ़साने चरित्र ख़राब व बदनाम करने मामले में मैंने फ़ैसला किया की जब तक मैं निर्दोष साबित नहीं हो जाता स्वयं secl मुझे क्लीनचिट नहीं देता माफ़ी नहीं माँगता तो मैं अगले दिन खदान गेट के सामने आत्मदाह करने का फ़ैसला किया । तय समयनुशार मैं जब अपने सैकडो साथियों के साथ जब अपने फ़ैसले पर अडिग होकर आत्मदाह करने के लिए आगे बढ़ा तभी प्रशासन पुलिस व secl प्रबंधन द्वारा रोक लिया गया, भारी हंगामे प्रशासन पुलिस के समझाइस व इस पूरे प्रकरण के लिए secl के लिखित माफ़ीनामा जिसमें सत्पुरुष महर्षि को निर्दोष भी साबित किया गया उसके पश्चात सभी ने सत्पुरुष को गले में उठाकर सत्य के प्रति जीत की बधाई दी व इस प्रकार सत्पुरुष महर्षि निर्दोष साबित होकर सत्यमेव जयते का नारा बुलंद करते दिखे
इस फ़ैसले से जिले भर के छात्र उत्साह से लबरेज़ दिखे ।।







