
लाईवलीहुड कालेज के प्राचार्य पर मनमानी का आरोप

प्राचार्य ने कहा फंड खत्म होने पर दिखाया बाहर का रास्ता, कलेक्टर, विधायक से शिकायत
पत्थलगांवः जशपुर /लाइवलीहुड कालेज के प्राचार्य पर कर्मचारियों ने मनमानी करते हुए कार्य पर से हटाने और उनके स्थान पर नए लोगों की भर्ती कर लेने के आरोप लगाए हैं। कालेज में पदस्थ चार कर्मचारियों ने इसकी शिकायत कलेक्टर व विधायक जशपुर को की है। वहीं अब मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में भी कर्मचारियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से सरकार द्वारा प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लाइवलीहुड कालेजों की स्थापना की गई है। इनका उद्देश्य युवाओं को उनकी पसंद के रोजगारमूलक कार्यों का प्रशिक्षण देकर रोजगार या स्वरोजगार उपलब्ध कराना है। राज्य शासन की इस महात्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत प्रदेश के दूरस्थ इलाके जशपुर में भी लाइवलीहुड कालेज की स्थापना की गई है। परंतु अब इसी कालेज के प्राचार्य पर
कर्मचारियों ने मनमाने ढंग से उनका
रोजगार छीन लेने का आरोप लगाया है। इसमें रीता किसपोट्टा, अरूण कुमार प्रधान, राकेश किसपोट्टा और रविन्द्र राम के नाम शामिल हैं। इनमें से रीता और रविन्द्र राम साफ सफाई का काम कर रहे थे। वहीं अरूण कुमार प्रधान और राकेश किसपोट्ट्टा रसोइया के रूप में पदस्थ थे। कलेक्टर को भेजी गई शिकायत में रीता का कहना है कि वह दरबारी टोली स्थित लाइवलीहुड कालेज डोडकाचौरा में पिछले 10 वर्षों से साफ सफाई का काम करती आ रही थी। परंतु उसे फंड नहीं है कहकर बिना किसी कारण के कालेज से हटा दिया गया जबकि नए लोगों को काम पर रख लिया गया है। रीता का कहना है कि इसी नौकरी के भरोसे उसके परिवार का जीवन निर्वाह होता था और बिना कारण नौकरी से हटा दिए जाने पर उसके सामने आजीविका का संकट आ खड़ा हुआ है। कालेज में रसोइया रहे अरूण
कुमार प्रधान का कहना है कि पिछले वर्ष 2023 में प्राचार्य के द्वारा पेमेंट नहीं होने का हवाला देते हुए चुनाव के बाद बुलाने की बात कहकर काम से निकाला गया था। फिर 1 महीने बाद उसे वापस बुलाया गया। परंतु इसके बाद प्राचार्य ने स्वयं नहीं बुलाने की बात कहकर मई महीने की तनख्वाह भी नहीं दी। उसका कहना है कि वह करीब 12 महीनों से कालेज में रसोइया का कार्य कर रहा था परंतु बिना कारणवश प्राचार्य ने उसे काम से यह कहकर हटा दिया कि कोरबा से उसके कार्य का किसी ने ठेका ले लिया है, इसलिए वह उसे तनख्वाह नहीं दे सकेंगे। अरूण ने अपनी शिकायत में प्राचार्य पर गलतबयानी का आरोप लगाते हुए कहना है कि स्थानीय लोगों को ही उनके स्थान पर काम पर रखा गया है।
यही स्थिति रविन्द्र राम की भी है। कालेज में साफ-सफाई का कार्य करने वाले रविन्द्र राम द्वारा कलेक्टर से की है।
ये सभी दैनिक म मजदूरी दर पर काम
कर र रहे थे। फंड नहीं होने के कारण
उन्हें हटाया गया है।
- अमरनाथ धमगया प्राचार्य, लाईवलीहुड कालेज, जशपुर।
गई शिकायत के मुताबिक प्राचार्य द्वारा 17 महीने तक काम कराने के बाद कोरबा से ठेका ले लेने की बात कहकर उसे काम से हटा दिया गया परंतु अब उनके स्थान पर स्थानीय लोगों को काम पर लगा लिया गया है। ऐसी ही शिकायत राकेश किसपोट्टा ने भी कलेक्टर से की है। सभी शिकायतकर्ताओं ने कालेज के प्राचार्य पर बिना किसी गलती के उन्हें मनमाने ढंग से कार्य से हटाने और उनके स्थान पर दूसरे लोगों को काम पर रखने का
आरोप लगाया है। उन्होंने कलेक्टर से मामले की जांच कराने और उन्हें वापस काम पर लिए जाने की गुहार भी लगाई







