मरीजों की लगती है भीड़ डॉक्टरों की उपस्थिति ही नहीं नर्सों के हिसाब से होती है इलाज


सूरजपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहार पुर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का यह मामला है कि डॉक्टरों का उपस्थिति नहीं नर्सों के हिसाब से होती है इलाज आपको बता दें कि गौरतलब की बात यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहार पुर के नाम से साल में राज्य सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च करती है इसके बावजूद भी स्वास्थ्य केंद्र बिहार पुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों लापरवाही देखने को सामने आ रही है गौरतलब की बात यह है कि सरकार ने हर एक डॉक्टर को 70 से 100000 के बीच में हर एक महीना का पेमेंट करती है इसके बावजूद भी डॉक्टरों को उपस्थिति नहीं है सोचने की बात यह है कि जब नर्सों के हिसाब से इलाज होगा गरीब क्षेत्र आदिवासियों का एवं हर वर्ग के ग्रामीणों का क्या हाल होगा यह हाल समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहार पुर का है इसको देखते हुए कोई ग्रामीणों ने दिया सूचना आज करीबन 2:30 से 3:00 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहार पुर में जा करके देखा गया तो वहां के एमबीबीएस डॉक्टर एवं हर वर्ग के डॉक्टरों का उपस्थिति नहीं पाया गया वहां पर मरीजों का इलाज नर्सों के हिसाब से हो रहा था आपको बता दूं कि स्थिति में चांदनी बिहार पुर स्वास्थ्य केंद्र चलती है इसको देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव को तत्काल प्रभाव से जांच कर उचित करवाई करने का कष्ट करें
अब यह देखना है कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ग्रामीणों के ऊपर क्या भला करते हैं क्षेत्र में अपनी आभार को जताते हैं या फिर मजाक बनाते हैं







