






“गड्ढों से भरे रास्ते, टूटी पाइपलाइन और बच्चों की दुश्वारी: पुटूपारा में भारी वाहनों पर रोक की मांग, चेताया उग्र आंदोलन का संकेत”
लैलूंगा/राजपुर : ग्राम पंचायत राजपुर के पुटूपारा मोहल्ले के निवासियों का आक्रोश अब सड़कों पर उतरने की कगार पर है। पुटूपारा की जर्जर कच्ची सड़कें, टूटी पाइपलाइन और भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही ने क्षेत्रवासियों की दिनचर्या को नरक बना दिया है। ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, लैलूंगा को आवेदन सौंपते हुए तुरंत कार्यवाही की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो पूरे गांव में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पुटूपारा की सड़क करीब 1200 मीटर तक कच्ची है, जिसमें अब बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर गया है और कीचड़ से सड़क पूरी तरह फिसलनभरी हो चुकी है। रोजमर्रा की आवाजाही, स्कूली बच्चों का आवागमन और मोहल्ले में सामान्य जीवन भी मुश्किल हो गया है। लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं और बच्चों का स्कूल जाना दूभर हो गया है।
इसके साथ ही नल-जल योजना के तहत हर घर में की गई पाइपलाइन अब फट चुकी है, जिससे गड्ढों में पानी भर रहा है और घरों के सामने दलदल जैसा हाल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों के कारण पाइपलाइन भी बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है और सड़कों की हालत और बिगड़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से यह स्पष्ट मांग की है कि पुटूपारा में क्षमता से अधिक लोड वाले बड़े वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगाई जाए और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कर गड्ढे भरे जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने इस मामले में शीघ्र संज्ञान नहीं लिया, तो समस्त ग्रामवासी मिलकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
पुटूपारा की यह स्थिति न केवल नागरिक सुविधाओं की अनदेखी को उजागर करती है, बल्कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस जनआवेदन पर कितनी तत्परता से कार्य करता है, या फिर वाकई पुटूपारा का गुस्सा एक बड़े आंदोलन का रूप ले लेता है।








