
35 वर्षों की परंपरा: पोतरा में धूमधाम से निकला झूला रथ, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया लैलूंगा
लैलूंगा/पोतरा – ग्राम पंचायत पोतरा में बीते 35 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा झूला रथ उत्सव इस वर्ष भी पूरे भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया गया। पूर्व सरपंच मनमोहन सिदार के अगुवाई में यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बन चुका है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी बन गया है।
झूला रथ में भगवान जगन्नाथ स्वामी की आकर्षक झांकी निकाली गई, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हजारों की भीड़ ने जयकारों के साथ रथ यात्रा में भाग लिया। भक्ति गीतों के साथ भक्तों ने रथ को खींचा और रास्ते भर भव्य सजावट व पुष्पवर्षा के माध्यम से स्वागत किया गया।
इस आयोजन की खास बात यह रही कि झूला रथ में ओडिशा के बरगढ़ और छत्तीसगढ़ के कुम्हरवाही क्षेत्र से आए प्रसिद्ध गायक, वाहक और लोक कलाकारों ने अपने शानदार प्रदर्शन से समा बांध दिया। नाचा-गान की प्रस्तुतियों ने रात भर दर्शकों को मंत्रमुग्ध रखा। कलाकारों की वेशभूषा, गायन की शैली और पारंपरिक नृत्य ने मेले में चार चांद लगा दिए।
पूर्व सरपंच मनमोहन सिदार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को पिछले 35 वर्षों से नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन अब केवल एक धार्मिक रथ यात्रा न होकर जनभावनाओं और सामाजिक एकता का उत्सव बन चुका है।
रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए गांव के युवाओं और वरिष्ठजनों ने मिलकर भरपूर सहयोग किया। बच्चों के लिए झूले, मिठाइयों और खिलौनों की दुकानें सजी थीं, तो महिलाओं के लिए श्रृंगार सामग्री और अन्य सामग्रियों की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
झूला रथ के सफल आयोजन के लिए ग्रामवासियों ने पूर्व सरपंच मनमोहन सिदार और उनकी टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि यह आयोजन हर वर्ष और अधिक भव्यता से मनाया जाए।
पोतरा का यह झूला रथ अब केवल गांव की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की शान बन चुका है।







