

लैलूंगा का अटल चौक बना मौत का जाल – जल संसाधन विभाग की घोर लापरवाही, प्रशासन नींद में!

रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया लैलूंगा
लैलूंगा, – लैलूंगा नगर का सबसे व्यस्त अटल चौक आज किसी मौत के फंदे से कम नहीं। जल संसाधन विभाग लैलूंगा द्वारा नहर सफाई के नाम पर कई महीने पहले सड़क के बीचों-बीच गड्ढा खोदा गया, लेकिन आज तक उसे भरना तो दूर, वहां पड़ी मिट्टी भी नहीं हटाई गई। नतीजा – रोजाना आम जनता, वाहन चालक और राहगीर मौत से खेलते हुए गुजरने को मजबूर हैं।
सूत्र बताते हैं कि नहर सफाई कार्य पूरा होने के बाद विभागीय अमला ऐसे गायब हो गया, मानो इस काम से उनका कोई लेना-देना ही न हो। सड़क के बीच खुला गड्ढा रात में और भी खतरनाक हो जाता है। कई बाइक सवार, साइकिल चालक यहां गिरकर घायल हो चुके हैं। दुकानदारों का कहना है कि कई बार बच्चों और बुजुर्गों को गिरते-गिरते बचाया गया है।
दुर्घटना का खतरा मिनट-दर-मिनट बढ़ रहा है
अटल चौक से रोज़ाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। भारी ट्रक, बस, ऑटो, बाइक – सभी इसी मार्ग से आते-जाते हैं। किसी भी पल बड़ा हादसा हो सकता है। नगर पंचायत और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को बार-बार शिकायतें दी गईं, यहां तक कि हाल ही में जागरूक नागरिकों ने लिखित आवेदन भी सौंपा, लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ सन्नाटा।
जनता का आक्रोश फूटा – आंदोलन की चेतावनी
प्रशासन की ढीली रफ्तार और विभागीय उदासीनता अब लोगों के सब्र का बांध तोड़ रही है। कई सामाजिक संगठनों और युवाओं ने साफ चेतावनी दी है – “अगर कुछ दिनों में गड्ढा नहीं भरा गया और मिट्टी नहीं हटाई गई, तो सड़क पर उतरकर जबरदस्त आंदोलन होगा।”
आज मौके पर यूथ कांग्रेस युवा नेता अपरांश सिन्हा, NSUI जिला सचिव सम्राट महंत, ब्लॉक अध्यक्ष तेजस बंजारे, NSUI नगर अध्यक्ष प्रकाश शर्मा, युवा नेता आशीष सिदार, शिव शंकर पैंकरा, विकाश चौधरी, दीपक पासवान, राज श्रीवास, मिर्तुंजय यादव सहित कई कांग्रेसी नेता मौजूद रहे और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी।
अब नहीं तो कब?
अटल चौक का यह गड्ढा सिर्फ सड़क की समस्या नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम के उस ढीलेपन का सबूत है, जो जनता की सुरक्षा को हाशिए पर रखकर चलता है। अगर अब भी कार्यवाही नहीं हुई, तो लैलूंगा का अटल चौक किसी दिन मौत का अड्डा बन जाएगा, और तब जिम्मेदार सिर्फ मूकदर्शक बने खड़े रह जाएंगे।
#लैलूंगा_बचाओ #अटल_चौक_सुरक्षित_बनाओ #जनता_की_आवाज़







