अधूरी पानी टंकी से परेशान लिबरा, ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश
रायगढ़ /लैलूंगा।
विकासखंड लैलूंगा के ग्राम पंचायत लिबरा में पानी टंकी का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह महत्वपूर्ण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है।
ग्रामीणों के अनुसार, लिबरा में पानी टंकी निर्माण कार्य शुरू होने के बाद क्षेत्र के अन्य गांव—नारायणपुर, मुडापारा, बसंतपुर सहित आसपास के कई स्थानों पर पानी टंकियां बनकर तैयार हो गईं। लेकिन लिबरा की टंकी अब तक अधूरी पड़ी है, जो प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
ग्रामवासियों ने बताया कि पानी टंकी की सीढ़ी का निर्माण दो से तीन बार किया गया, लेकिन हर बार वह टूट गई। बार-बार मरम्मत और पुनर्निर्माण के बावजूद अब तक टंकी का कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा नहीं हो पाया है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अधूरी और कमजोर संरचना के कारण किसी भी समय हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर डर और नाराजगी दोनों है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया, तो यह बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार मीडिया में खबरें प्रकाशित की गईं, लेकिन संबंधित विभाग और अधिकारियों ने आज तक कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया। बार-बार शिकायत और समाचार प्रकाशन के बावजूद जिम्मेदार विभाग की चुप्पी समझ से परे है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नल-जल योजना से जुड़े अधिकारी इस बार मीडिया में मामला उजागर होने के बाद कोई ठोस कदम उठाएंगे या फिर लिबरा पंचायत की पानी टंकी का निर्माण कार्य यूं ही अधूरा पड़ा रहेगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि संबंधित ठेकेदार कई महीनों से कार्यस्थल पर नजर नहीं आया है। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है, ताकि ग्राम पंचायत लिबरा के लोगों को सुरक्षित और नियमित पेयजल की सुविधा मिल सके।








