सूरजपुर/ सूरजपुर छत्तीसगढ़ किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सचेन्द्र पाठक ने कहा कि वित्त मंत्री के बजट में जो संकल्प है, वह संकल्प कॉर्पोरेट लूट के आगे नतमस्तक होने का ही संकल्प परिलक्षित हो रहा है, जनकल्याणकारी मदो की उपेक्षा करके केवल उद्योग विभाग का बजट ही 3 गुना किया गया है। विगत बजट 165000 करोड़ का था और उसके बाद अनुपूरक बजट 35000 करोड़ अर्थात कुल मिलाकर 2 लाख करोड़ का कुल बजट 2025-26 में, इस बजट में मात्र 172000 करोड़ अर्थात लगभग 15 प्रतिशत कटौती की गई है। सिंचाई के लिए मात्र 68 किलोमीटर नहर, विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में सिंचाई का रकबा 2.5 प्रतिशत घटा है।

किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सचेन्द्र पाठक ने कहा कि दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा में मेडिकल कालेज पूर्ववर्ती सरकार के समय के ही है, कुनकुरी मेडिकल कालेज की घोषणा पिछले बजट का है, मेडिकल कॉलेज रायपुर में हॉस्टल का प्रावधान भी पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय का है, यह सरकार केवल योजनाओं को रोकने और झूठा श्रेय लेने का काम कर रही है।
सूरजपुर किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सचेन्द्र पाठक ने कहा कि राज्य के बजट में केंद्रीय योजनाओं का श्रेय लिया जा रहा, रायपुर विशाखापट्टनम हाईवे तो याद है, लेकिन रायपुर से राजनांदगांव होकर हैदराबाद हाईवे क्यों निरस्त हुआ? यह नहीं बताएं, रेलवे माल भाड़े से सबसे ज्यादा कमाई छत्तीसगढ़ से होती है, उसे भुलाकर गिनती के रेल परियोजना पर श्रेय ले रहे। पूरे प्रदेश में सड़कों की स्थिति बेहद खराब है, दो साल से मरम्मत तक नहीं कर पाए जो बजट प्रावधान बताया जा रहे हैं, वह आवश्यकता से बेहद कम है, ऊंट के मुंह में जीरा।
सूरजपुर किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सचेन्द्र पाठक ने कहा कि मेट्रो की घोषणा पिछले बजट में किए थे, एक साल बीत गया एक कदम भी आगे नहीं बढ़े, अब इस बजट में सर्वे की बात कर रहे हैं? जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर सहित छत्तीसगढ़ के एयरपोर्ट को विकसित करने का सपना मात्र 30 करोड़ में कैसे पूरा होगा? ब्ळ वायु नया जुमला। पूर्व घोषित 35 नालंदा लाइब्रेरी में रायगढ़ को छोड़कर कहीं शुरू नहीं हो पाया, पिछले बजट में 17 नये नांलदा लाईब्ररी बनाने का दावा था, जिसका अता-पता नहीं अब 5 नए नालंदा लाइब्रेरी की घोषणा। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय वास्तविक व्यय बजट अनुमान से अधिक होता था। 2023-2024 में 7.38 प्रतिशत 8971 करोड़ अधिक खर्च किये गये, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने वास्तविक व्यय बजट अनुमान से कम हो रहा है। वर्ष 2025-2026 में 1 लाख 65 हजार करोड़ खर्च का अनुमान था, लेकिन वास्तविक व्यय तय लक्ष्य से 9 हजार करोड़ कम किया गया अर्थात खुद के लक्ष्य से 5.5 प्रतिशत कटौती शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों में की गयी।







