

CG Live24 News की खबर का बड़ा असर: बंद आंगनबाड़ी केंद्र मामले में तत्काल नोटिस, मानदेय रोकने की चेतावनी
लैलूंगा। मुकडेगा सेक्टर के ग्राम सोनाजोरी बथानपारा आंगनबाड़ी केंद्र के बंद पाए जाने की खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। CG Live24 News में खबर प्रसारित होने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आंगनबाड़ी सहायिका को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, हाल ही में खबर सामने आई थी कि सोनाजोरी के बथानपारा आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता और सहायिका दोनों ही केंद्र को बंद कर नदारद थीं। बताया गया था कि कार्यकर्ता नीलमणि अपने निजी काम से लैलूंगा चली गई थीं और सहायिका भी बिना किसी सूचना के केंद्र को समय से पहले बंद कर घर चली गई थीं। इस लापरवाही के कारण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित हो रही थीं।
मामला मीडिया में सामने आने के बाद कार्यालय परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना मुकडेगा, जिला रायगढ़ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आंगनबाड़ी सहायिका कुमारी नीता टोप्पो को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि सहायिका अपने केंद्र में बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाई गईं, जिसकी जानकारी उन्होंने न तो पर्यवेक्षक को दी और न ही कार्यकर्ता को।
परियोजना अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि इस तरह की लापरवाही से यह प्रतीत होता है कि संबंधित सहायिका अपने कर्तव्य के प्रति गंभीर नहीं हैं। इसी कारण विभाग द्वारा उनके मानदेय को तत्काल रोकने की अनुशंसा की गई है। साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टिकरण प्रस्तुत करें और अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष उपस्थित होकर जवाब दें।
नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित कर्मचारी के पास कुछ कहने को नहीं है। ऐसी स्थिति में विभाग एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति की अनुशंसा उच्च अधिकारियों को भेज देगा।
इस नोटिस की प्रतिलिपि जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास रायगढ़, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लैलूंगा तथा सेक्टर पर्यवेक्षक को भी सूचनार्थ भेजी गई है, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
गौरतलब है कि आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और गर्भवती महिलाओं को आवश्यक सेवाएं देने के लिए संचालित किए जाते हैं। ऐसे में यदि केंद्र बंद मिलते हैं या कर्मचारी ड्यूटी से गायब रहते हैं, तो सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर प्रभावित होता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से आंगनबाड़ी केंद्रों में लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन मीडिया में मामला उठने के बाद ही प्रशासन सक्रिय होता दिखाई देता है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी, जिससे भविष्य में कर्मचारी अपने कर्तव्य के प्रति जिम्मेदार रहें।
फिलहाल CG Live24 News की खबर के बाद हुई इस त्वरित कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि मीडिया की पहल से प्रशासनिक तंत्र भी सक्रिय हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच और जवाब के बाद विभाग संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ क्या अंतिम कार्रवाई करता है।








