























CG LIVE 24 NEWS की खबर का बड़ा असर! महीनों से बंद बरटोली आंगनबाड़ी मामले में कार्यकर्ता को थमाया गया अंतिम कारण बताओ नोटिस
लैलूंगा। ग्राम पंचायत ढोरोंवीजा के बरटोली पारा आंगनबाड़ी केंद्र के महीनों से बंद रहने की खबर CG LIVE 24 NEWS में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। खबर सामने आते ही महिला एवं बाल विकास विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
मुकडेगा परियोजना कार्यालय से जारी पत्र क्रमांक 590/स्था./बविपरि/2025-26 दिनांक 09 मार्च 2026 के अनुसार बरटोलीपारा ढोरोंबीजा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती संतोषी चौहान लंबे समय से अपने मुख्यालय से बिना सूचना के अनुपस्थित पाई गई हैं। विभागीय जांच में यह भी सामने आया है कि कार्यकर्ता नियमित रूप से केंद्र में उपस्थित नहीं रहती थीं और जब भी केंद्र आती थीं तो केवल आधा घंटा या एक घंटे के लिए ही रुकती थीं।
जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में केंद्र की सहायिका मातृत्व अवकाश पर है, जिसके कारण आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ था। इससे केंद्र के हितग्राही छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को विभागीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि ग्रामवासियों द्वारा प्रस्तुत पंचनामा में बताया गया है कि संबंधित कार्यकर्ता पिछले लगभग तीन वर्षों से लगातार लापरवाहीपूर्ण तरीके से केंद्र में उपस्थित नहीं रहती थीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि वह अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर नहीं थीं और विभागीय कार्यों में भारी लापरवाही बरती जा रही थी।
परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना मुकडेगा ने इस मामले को गंभीर मानते हुए कार्यकर्ता का मानदेय तत्काल रोकने की अनुशंसा भी की है। साथ ही उन्हें तीन दिनों के भीतर परियोजना कार्यालय में उपस्थित होकर अपना स्पष्टिकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में यह भी साफ कर दिया गया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो उनके खिलाफ एकतरफा विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित कार्यकर्ता की होगी।
इस कार्रवाई की प्रतिलिपि जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास रायगढ़, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लैलूंगा और जिला पंचायत लैलूंगा की स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण स्थायी समिति को भी भेजी गई है, जिससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मीडिया में खबर आने के बाद ही प्रशासन की नींद खुली है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि अब जल्द ही बरटोली आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से संचालित होगा और बच्चों को पोषण आहार व प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा फिर से मिल सकेगी।
फिलहाल इस पूरे मामले में एक बात साफ हो गई है कि पत्रकारिता की ताकत से बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्र के मामले में प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। अब देखना होगा कि आगे विभाग क्या ठोस कदम उठाता है और बच्चों को उनका हक कब तक मिल पाता है।








