
लैलूंगा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: अब कमान संभालेंगे उज्ज्वल पाण्डेय
सिस्टम में मचेगा भूचाल

रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया लैलूंगा
लैलूंगा। प्रशासनिक गलियारों से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। लैलूंगा तहसील की जिम्मेदारी अब नए प्रभारी तहसीलदार के रूप में उज्ज्वल पाण्डेय को सौंपी गई है। इस फैसले के बाद जहां एक ओर उम्मीदों की लहर दौड़ गई है, वहीं दूसरी ओर कई सवाल भी खड़े होने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, लैलूंगा तहसील में लंबे समय से राजस्व मामलों, जमीन विवाद, नामांतरण और सीमांकन जैसे मुद्दों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी थी। आम जनता बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर थी, लेकिन समाधान न के बराबर मिल रहा था। ऐसे में प्रशासन ने यह बड़ा कदम उठाते हुए उज्वल पांडे को जिम्मेदारी सौंपी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उज्ज्वल पाण्डेय इस जटिल व्यवस्था को सुधार पाएंगे या फिर हालात पहले जैसे ही बने रहेंगे? स्थानीय लोगों की मानें तो उन्हें एक सख्त और ईमानदार अधिकारी की जरूरत थी, जो फाइलों की धूल झाड़कर काम को जमीन पर उतारे।
लैलूंगा में कई ऐसे मामले लंबित हैं, जिनमें वर्षों से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भू-माफियाओं की सक्रियता, अवैध कब्जों का बढ़ता दायरा और राजस्व कर्मचारियों की मनमानी लगातार सुर्खियों में रही है। ऐसे में उज्ज्वल पाण्डेय। के सामने चुनौती कम नहीं है।
हालांकि, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि यह सिर्फ चेहरा बदलने जैसा कदम न साबित हो, बल्कि सिस्टम में वास्तविक सुधार दिखे। जनता की नजर अब सीधे नए प्रभारी तहसीलदार पर टिकी हुई है।
अगर उज्ज्वल पाण्डेय ने सख्ती दिखाई और भ्रष्टाचार पर लगाम कसी, तो लैलूंगा में प्रशासनिक व्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है। लेकिन अगर पुराने ढर्रे पर ही काम चलता रहा, तो यह बदलाव भी सिर्फ कागजी साबित होगा।
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि उज्वल पांडे अपनी नई जिम्मेदारी को किस तरह निभाते हैं—क्या वे जनता के भरोसे पर खरे उतरेंगे या फिर उम्मीदें एक बार फिर टूटेंगी? फिलहाल, लैलूंगा की सियासी और प्रशासनिक फिजा में इस खबर ने जोरदार हलचल जरूर पैदा कर दी है।







