

महीनों से बंद आंगनबाड़ी, बच्चों का भविष्य ताले में कैद!
भकुर्रा पंचायत में जिम्मेदार गायब, प्रशासन गहरी नींद में!
भकुर्रा ग्राम पंचायत से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आंगनबाड़ी केंद्र महीनों से बंद पड़ा है और जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह मौन साधे बैठे हैं। जिस केंद्र से गांव के नन्हे बच्चों को पोषण, शिक्षा और देखभाल मिलनी चाहिए थी, वहां आज ताला लटका हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीरा चौहान लंबे समय से केंद्र नहीं खोल रही हैं, वहीं सहयोगी पुष्पा प्रधान भी पूरी तरह नदारत हैं। न तो बच्चों को पोषण आहार मिल रहा है और न ही गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली जरूरी सुविधाएं — सब कुछ ठप पड़ा है।
हैरानी की बात यह है कि ग्रामीणों ने इस गंभीर लापरवाही की शिकायत 27/09/2024 को एसडीएम लैलूंगा को लिखित रूप में दी थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गांव के लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब बार-बार शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही, तो आखिर न्याय के लिए जाएं तो जाएं कहां?
सवाल ये उठता है:
क्या बच्चों के हक का हनन ऐसे ही होता रहेगा?
क्या जिम्मेदार कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी?
क्या प्रशासन केवल कागजों में ही योजनाएं चलाता रहेगा?
अब देखना यह है कि खबर सामने आने के बाद प्रशासन जागता है या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।
ग्रामीणों की मांग:
तत्काल आंगनबाड़ी केंद्र शुरू किया जाए
लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो
बच्चों और महिलाओं को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए
अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं!








