

लैलूंगा विकासखंड के मुडापारा हंस पूल्स पेट्रोल पंप में सोमवार को डीजल एवं पेट्रोल लेने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही पेट्रोल पंप के बाहर ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, चारपहिया वाहन एवं जे सी बी कृषि कार्य में उपयोग होने वाले अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात ऐसे बन गए कि कई वाहन चालकों एवं किसानों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। भीड़ इतनी अधिक थी कि कतार मुख्य सड़क तक पहुंच गई और आसपास के क्षेत्र में जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई।
जानकारी के अनुसार नागर जोताई एवं खेती-किसानी का कार्य शुरू होते ही क्षेत्र में डीजल की मांग अचानक बढ़ गई है। किसान इन दिनों खेतों की जुताई, बुवाई एवं कृषि संबंधी अन्य तैयारियों में जुटे हुए हैं। ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्रों के संचालन के लिए बड़ी मात्रा में डीजल की आवश्यकता पड़ रही है। इसी कारण सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंप पहुंचने लगे। देखते ही देखते पेट्रोल पंप परिसर पूरी तरह वाहनों से भर गया और लंबी लाइनें लग गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई किसान सुबह से ही लाइन में लगे हुए थे, लेकिन भारी भीड़ के कारण उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। पेट्रोल पंप में सभी गाड़ियों को पूर्ति के लिए कम मात्रा में डीजल एवं पेट्रोल दिया जा रहा था, ताकि अधिक से अधिक लोगों का काम चल सके। इसके बावजूद कई किसानों एवं वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसानों का कहना है कि नागर जोताई का समय उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। खेतों की जुताई, बुवाई एवं अन्य कृषि कार्य पूरी तरह डीजल पर निर्भर हैं। यदि समय पर डीजल उपलब्ध नहीं होगा तो खेती का कार्य प्रभावित हो सकता है। किसानों ने चिंता जताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में यदि ईंधन की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो खेती-किसानी का कार्य बाधित हो सकता है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।
पेट्रोल पंप में लगी लंबी कतारों का असर यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला। सड़क किनारे बड़ी संख्या में खड़े वाहनों के कारण राहगीरों एवं अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बार सड़क पर जाम जैसी स्थिति भी बनी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की कतार एक साथ नहीं देखी थी।
स्थानीय नागरिकों एवं किसानों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों में पर्याप्त मात्रा में डीजल एवं पेट्रोल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि खेती-किसानी एवं नागर जोताई के सीजन में ईंधन की कमी किसानों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर स्थिति को सामान्य बनाने की मांग की है, ताकि किसानों को समय पर ईंधन मिल सके और खेती-किसानी के कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें। फिलहाल हंस पूल्स पेट्रोल पंप में लोग अपनी बारी के इंतजार में घंटों लाइन में खड़े नजर आए।








