कुष्ठ विकृति सहायक शल्य क्रिया के बाद 22 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे

मरीजों को किया गया टब और एक्सरसाइज किट वितरित

नियमित फिजियोथैरेपी से मरीजों को मिलेगा बेहतर लाभ



रायगढ़, 1 जून 2026/ कुष्ठ रोग से उत्पन्न विकृतियों के उपचार और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जिला चिकित्सालय रायगढ़ में कुष्ठ विकृति सहायक शल्य क्रिया (रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी) के बाद भर्ती 22 मरीजों को पोस्ट ऑपरेटिव फिजियोथैरेपी पूर्ण होने पर आज छुट्टी प्रदान की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को घर पर भी नियमित रूप से फिजियोथैरेपी और व्यायाम जारी रखने की सलाह दी, ताकि शल्य क्रिया का अधिकतम लाभ मिल सके और प्रभावित अंगों की कार्यक्षमता में लगातार सुधार हो।
            विशेषज्ञों ने बताया कि कुष्ठ रोग के कारण हाथ, पैर और आंखों में होने वाली विकृतियों को सुधारने के लिए रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी एक प्रभावी माध्यम है, लेकिन सर्जरी के बाद नियमित फिजियोथैरेपी उपचार का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसके माध्यम से मरीजों की मांसपेशियों की शक्ति बढ़ती है, अंगों की गतिशीलता बेहतर होती है और दिव्यांगता की संभावना को कम किया जा सकता है। चिकित्सकों ने मरीजों को निर्धारित व्यायामों का नियमित अभ्यास करने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की समझाइश दी। समापन समारोह के दौरान सभी 22 मरीजों को घर पर फिजियोथैरेपी जारी रखने के उद्देश्य से विशेष टब एवं एक्सरसाइज किट प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को फिजियोथैरेपी से संबंधित आवश्यक निर्देश, सावधानियां और दैनिक अभ्यास की जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि उपचार के बाद पुनर्वास प्रक्रिया उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी शल्य क्रिया, इसलिए मरीजों को नियमित रूप से व्यायाम करते रहना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि कई बार मरीज अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अभ्यास छोड़ देते हैं, जिससे सर्जरी के अपेक्षित परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मरीजों को विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे घर पर भी सही तरीके से फिजियोथैरेपी जारी रख सकें और प्रभावित अंगों की कार्यक्षमता को बेहतर बना सकें।
           स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शासन द्वारा कुष्ठ रोग से प्रभावित मरीजों के उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और फिजियोथैरेपी जैसी सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को सामान्य जीवन की मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने मरीजों से समय-समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने, निर्धारित व्यायाम नियमित रूप से करने और किसी भी समस्या की स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि नियमित फिजियोथैरेपी और चिकित्सकीय मार्गदर्शन के पालन से मरीज बेहतर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे और आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर होंगे। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल, डीपीएम सुश्री रंजना पैकरा, जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्रा, नोडल अधिकारी डॉ. सुमित मंडल, फिजियोथैरेपिस्ट तथा कुष्ठ चिकित्सा सहायकों सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

चंद्रशेखर जायसवाल
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