
लैलूंगा। क्षेत्र के ग्राम भेसबुड़ी में संचालित एक मेडिकल स्टोर को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रविपाल सिदार द्वारा बिना मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री और आवश्यक अनुमति के मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। आरोप है कि छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को मेडिकल स्टोर में ही बॉटल (सलाइन) चढ़ाई जा रही है, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
ग्रामीणों के अनुसार मेडिकल स्टोर दवा बिक्री तक सीमित रहने के बजाय कथित रूप से छोटे क्लिनिक की तरह संचालित किया जा रहा है। मरीजों को भर्ती कर इंजेक्शन और सलाइन लगाने जैसी गतिविधियां खुलेआम की जा रही हैं। इससे क्षेत्र में चिंता और नाराजगी का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी मरीज की तबीयत बिगड़ जाती है या कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का सवाल
“जब अस्पताल और प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद हैं, तो बिना डिग्री और अनुमति के इलाज का खेल आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है?”
जांच के बाद ही होगी पुष्टि
हालांकि लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल निरीक्षण कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
“मेडिकल स्टोर या मौत का सेंटर? भेसबुड़ी में बिना डिग्री मरीज भर्ती कर चढ़ाई जा रही बॉटल, ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल!”








