
बिलासपुर संभाग हेड सुखदेव आजाद
बिलासपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में स्व-सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसका जीवंत उदाहरण तखतपुर विकासखंड के ग्राम बेलपान में देखने को मिल रहा है, जहां राधा कृष्ण महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने मेहनत और लगन के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई है।कुछ वर्ष पहले तक ये महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों और कृषि कार्यों तक ही सीमित थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया। समूह को विभिन्न योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता और बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया, जिससे महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला।समूह की महिलाओं ने मसाला प्रसंस्करण के साथ-साथ पापड़ और मुरकु निर्माण का कार्य प्रारंभ किया।

स्थानीय स्तर पर उत्पादों की बढ़ती मांग और गुणवत्ता के कारण उनका कारोबार लगातार आगे बढ़ता गया। व्यवसाय से होने वाली आय ने न केवल उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाया।वर्तमान में समूह की सदस्य नियमित रूप से अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक जरूरतों की पूर्ति में काफी मदद मिल रही है। महिलाएं अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।समूह की सफलता का प्रभाव पूरे गांव में दिखाई दे रहा है। उनकी उपलब्धियों से प्रेरित होकर अन्य महिलाएं भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ने और स्वरोजगार अपनाने के लिए आगे आ रही हैं।
राधा कृष्ण महिला स्व-सहायता समूह की यह यात्रा दर्शाती है कि सामूहिक प्रयास, उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की उपलब्धता से ग्रामीण महिलाएं अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।यह संस्करण सरकारी प्रेस नोट जैसा न लगकर एक मानवीय रुचि








