बकरी एवं मुर्गी पालन से सशक्त होगी ग्रामीण आजीविका, ग्राम पंचायतों में वीबी-जीराम जी से बन रहे आधुनिक शेड

वैज्ञानिक पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा, 8 ग्राम पंचायतों में स्वीकृत हुए आधुनिक बकरी शेड

पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा रायगढ़


रायगढ़, 14 जुलाई 2026/ ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि तथा वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले की 8 ग्राम पंचायतों में वीबी-जीराम जी अंतर्गत लगभग 3 लाख रुपये प्रति इकाई की लागत से आधुनिक बकरी पालन शेड स्वीकृत किए गए हैं। यह पहल ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी तथा ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक बनेगी।
            ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, लेकिन उचित शेड, स्वच्छता, चारे की व्यवस्था और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के अभाव में पशुओं में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित बकरी पालन मॉडल विकसित किया जा रहा है। स्वीकृत शेड ऊंचे एवं सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर निर्मित किए जाएंगे, जिनमें पर्याप्त वेंटिलेशन, स्वच्छता तथा पशुओं के सुरक्षित रख-रखाव की व्यवस्था होगी। इससे पशुओं को वर्षा, गर्मी एवं अन्य प्रतिकूल मौसम से सुरक्षा मिलेगी तथा संक्रमण और रोगों की संभावना में कमी आएगी। आधुनिक संरचना के कारण पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादन क्षमता में भी सुधार होगा।

एक ही परिसर में बकरी और देशी मुर्गी पालन से बढ़ेगी आय

इस मॉडल के अंतर्गत बकरी पालन को केवल पशुपालन गतिविधि तक सीमित न रखकर आजीविका संवर्धन के व्यापक दृष्टिकोण से विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से हरे चारे की उपलब्धता, पूरक आहार, नियमित टीकाकरण, पशु स्वास्थ्य सेवाएं तथा वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। बकरी के दूध, खाद एवं अन्य उत्पादों से अतिरिक्त आय के अवसर भी विकसित होंगे। विशेष बात यह है कि स्वीकृत शेड केवल बकरी पालन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इनके नीचे देशी मुर्गी पालन की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इससे हितग्राहियों को एक ही परिसर में बकरी एवं मुर्गी पालन का लाभ मिलेगा, जिससे आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार होंगे। बकरी के दूध और खाद के साथ-साथ अंडा एवं मुर्गी उत्पादन से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी।

मनरेगा के माध्यम से बनेगी स्थायी परिसंपत्ति, गांवों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

विशेषज्ञों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से संचालित बकरी पालन इकाइयों से पशु मृत्यु दर में कमी आएगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी तथा पशुपालकों की वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पहल ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित करेगी। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि हितग्राहियों को आधुनिक एवं टिकाऊ बकरी पालन संरचना का लाभ मिल सके। मनरेगा के माध्यम से तैयार हो रही यह पहल स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी तथा आने वाले समय में जिले में समेकित पशुपालन मॉडल के रूप में नई पहचान स्थापित करेगी।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
spot_img
spot_img

अपना न्यूज़ पोर्टल - 9340765733

spot_img
spot_img
spot_img

Recent Posts

4 दिन से अंधेरे में पूरा गांव! फुंका ट्रांसफार्मर, फरसाटोली–घोघरा के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बरसात में सांप-बिच्छू के साए में गुजर रही रातें

कोतबा से प्रवीण शर्मा की रिपोर्ट लिखित शिकायत के बावजूद नहीं जागा बिजली विभाग, BDC ने भी उठाई आवाज; ग्रामीण बोले– "हादसा हुआ तो...

CHHATTISGARH NEWS

महतारी वंदन eKYC के नाम पर शुल्क लेने वालों पर होगी कड़ी कार्यवाहीमहतारी वंदन eKYC निशुल्क है, पैसे वसूलने वालों के खिलाफ होगी कार्यवाहीeKYC...

हितग्राहियों से पैसे वसूलने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाहीमहतारी वंदन eKYC में किसी प्रकार का शुल्क न दें, वसूली करने वालों पर होगी सख्त...

RAIGARH NEWS

रायगढ़ में हरित क्रांति की ओर बड़ा कदम, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत लाखों पौधों का होगा रोपण, उद्योगों को 8,950...

पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा रायगढ़ कलेक्टर ने की अभियान की समीक्षा, जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा नया आयामरायगढ़ व धरमजयगढ़ वनमंडलों में 3.43...