पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा रायगढ़

विशेष अभियान चलाकर समय-सीमा में पूरा करें पंजीयन, लापरवाही पर होगी जवाबदेही तय
रायगढ़, 14 जुलाई 2026/ खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान उपार्जन की तैयारियां शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य की प्रगति का विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने राजस्व, कृषि एवं उप पंजीयक सहकारिता के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य में अगर कोई तकनीकी दिक्कत या कठिनाइयाँ आ रही है तो अपने संबधित विभागों से उच्च स्तरीय मार्ग दर्शन लेकर कार्यों में शतप्रतिशत प्रगति लाए। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कृषि उपसंचालक, उपपंजीयक सहकारिता तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि इस वर्ष धान उपार्जन के लिए वन पट्टाधारी, डुबान, शासकीय पट्टेदार, ग्राम नौकर (कोटवार), संस्थागत, अधिया, रेगहा सहित सभी श्रेणी के पात्र कृषकों एवं उनके संबंधित खसरों का एग्रीस्टैक में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। ऐसे में किसी भी पात्र किसान का पंजीयन शेष नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम स्तर तक अभियान चलाकर किसानों का पंजीयन पूर्ण कराया जाए। बैठक में बताया गया कि मार्कफेड मुख्यालय मॉड्यूल में उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर जिले में विभिन्न श्रेणियों के कुछ कृषकों तथा उनके खसरों का एग्रीस्टैक पंजीयन लंबित है। इनमें वन पट्टाधारी, संस्था एवं ट्रस्ट, शासकीय भूमि, शासकीय पट्टेदार (कृषि), ग्राम नौकर तथा रेगहा श्रेणी के प्रकरण शामिल हैं। इनमें ऐसे किसान भी हैं जिन्होंने पिछले खरीफ विपणन वर्ष में धान विक्रय किया था। इसलिए उनके पंजीयन को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाना आवश्यक है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि तहसीलवार एवं समितिवार लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए तथा विशेष पंजीयन शिविर आयोजित कर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि पंजीयन प्रक्रिया में यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा तकनीकी समस्या आती है तो उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए और आवश्यक होने पर राज्य शासन को भी इसकी जानकारी भेजी जाए। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य की प्रतिदिन निगरानी की जाए तथा प्रगति में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी पात्र कृषकों एवं उनके खसरों का शत-प्रतिशत एग्रीस्टैक पंजीयन सुनिश्चित कर खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान उपार्जन की प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी एवं निर्बाध बनाया जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ.प्रियका वर्मा, कृषि, उपसंचालक, सहकारिता उप पंजीयक सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।








