जांजगीर-चांपा विवादों को संवाद और समझाइश के जरिए सुलझाने में जांजगीर स्थित परिवार परामर्श केंद्र लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में केंद्र में चल रही काउंसलिंग के माध्यम से कई परिवारों को टूटने से बचाया गया है।

1 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक परिवार परामर्श केंद्र में 312 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें से 37 मामलों में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा कराकर परिवारों को दोबारा साथ रहने के लिए तैयार किया गया। वहीं 52 मामलों में पक्षकारों को न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी गई, जबकि 11 प्रकरणों में कानूनी कार्रवाई की गई।
13 मामलों की हुई काउंसलिंग, तीन परिवारों में बनी सहमति
10 अगस्त को परिवार परामर्श केंद्र जांजगीर में कुल 13 प्रकरणों की काउंसलिंग की गई। DSP अजाक श्रीमती सतरूपा तारम की मौजूदगी में काउंसलिंग कमिटी ने दोनों पक्षों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। बातचीत, आपसी समझ और समझाइश के जरिए विवादों का समाधान निकालने का प्रयास किया गया।
इस दौरान तीन परिवारों के बीच आपसी सहमति बनी और उन्होंने विवाद समाप्त कर साथ रहने का निर्णय लिया।
अब विवाद सुलझाने वाले पक्षकार दूसरों को भी कर रहे जागरूक
परिवार परामर्श केंद्र ने काउंसलिंग के बाद राजीनामा करने वाले पक्षकारों को समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाने की एक अनूठी पहल की। ऐसे ही पक्षकारों को नशे की समस्या से जूझ रहे एक परिवार की काउंसलिंग में शामिल किया गया।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने नशे के दुष्परिणामों और इसके कारण परिवार में पैदा होने वाले तनाव व विवादों से अवगत कराया। साथ ही नशे से दूर रहने और परिवार की खुशहाली बनाए रखने के लिए समझाइश दी।
परामर्श केंद्र की यह पहल केवल पारिवारिक विवादों को सुलझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि काउंसलिंग से लाभान्वित लोगों को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सहभागी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
इनका रहा सराहनीय योगदान
परिवार परामर्श केंद्र की इस पहल में जिले में गठित परामर्शदात्री टीम के साथ महिला थाना प्रभारी सिलमानी टोप्पो, एएसआई ज्ञान प्रकाश खाखा, महिला प्रधान आरक्षक निशा पाण्डेय एवं एनुका तिर्की का महत्वपूर्ण योगदान रहा।





