रायगढ़। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत जूटमिल पुलिस ने हाईवे पर खड़े ट्रेलर और भारी वाहनों से डीजल चोरी करने वाले गिरोह के दो और फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेज दिया है।

दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो से हुआ था गिरोह का खुलासा
मामले की शुरुआत 3 फरवरी 2026 को हुई, जब अमलीभौना स्थित एचपी पेट्रोल पंप के सामने एनएच-49 किनारे एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली थी। वाहन चालक और उसमें सवार लोग मौके से फरार थे।
जूटमिल पुलिस ने स्कॉर्पियो की तलाशी ली तो उसमें 10 लीटर डीजल से भरी प्लास्टिक जरिकेन, करीब दो मीटर लंबा प्लास्टिक पाइप, दोनों तरफ नुकीला लोहे का सब्बल, दो मोबाइल फोन और अलग-अलग रजिस्ट्रेशन नंबर वाली नंबर प्लेट मिलीं। संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने वाहन और सामान जब्त कर जांच शुरू की।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर करते थे वारदात
जांच में सामने आया कि स्कॉर्पियो पर CG-04-BT-0664 नंबर अंकित था, लेकिन परिवहन विभाग से जांच कराने पर इस नंबर का कोई वाहन रिकॉर्ड नहीं मिला। वाहन के अंदर मिली CG-12-BT-6416 नंबर प्लेट के आधार पर जांच की गई तो स्कॉर्पियो मधुर निर्मलकर निवासी तुलसीनगर, कोरबा के नाम पंजीकृत मिली।
वाहन मालिक और उसके भाई शेखर निर्मलकर से पूछताछ तथा किरायानामा की जांच में पता चला कि स्कॉर्पियो को 30 दिसंबर 2025 को पुरुषोत्तम यादव निवासी बगडबरी, जिला जांजगीर-चांपा को 45 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर दिया गया था।
ट्रेलर चालक के जागने पर भागे आरोपी
विवेचना के दौरान संदीप कुमार डहरिया और सुनील कुमार केवट से पूछताछ में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली। आरोपियों के अनुसार, मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम यादव के कहने पर स्कॉर्पियो की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
इसके बाद संदीप, सुनील, शिव कुमार रजक और कुलदीप कुमार साण्डे रायगढ़ पहुंचे और हाईवे पर खड़े ट्रेलर से डीजल चोरी करने लगे। आरोपियों ने ट्रेलर की डीजल टंकी का लॉक तोड़कर डीजल निकालना शुरू किया। इसी दौरान ट्रेलर चालक के जागने और शोर मचाने पर आरोपी स्कॉर्पियो से भागने लगे।
भागने के दौरान स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर एनएच-49 किनारे पलट गई। इसके बाद आरोपी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।
पहले दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने पहले सुनील कुमार केवट उम्र 30 वर्ष, निवासी खम्हरिया, थाना हरदीबाजार, जिला कोरबा और संदीप कुमार डहरिया उम्र 34 वर्ष, निवासी बिरगहनी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा को गिरफ्तार किया था। दोनों को 12 अगस्त 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
दो और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी
फरार आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस ने शिव कुमार रजक उम्र 40 वर्ष, निवासी बगडबरी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा और कुलदीप कुमार साण्डे उम्र 29 वर्ष, निवासी खम्हरिया, थाना कुसमुण्डा, चौकी हरदीबाजार, जिला कोरबा को पकड़ा।
दोनों से घटना के संबंध में पूछताछ की गई और गवाहों के समक्ष मेमोरेण्डम कथन लिया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। शिव कुमार रजक ने बताया कि भागने के दौरान उसका कीपैड मोबाइल स्कॉर्पियो में छूट गया था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
मुख्य आरोपी बिलासपुर जेल में बंद
पुलिस के अनुसार मामले का मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम यादव पिता भुजबल यादव उम्र 48 वर्ष, निवासी बगडबरी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा वर्तमान में केंद्रीय जेल बिलासपुर में बंद है। उसके खिलाफ कोरबा जिले के अलग-अलग थानों में चोरी और अन्य धाराओं के पांच प्रकरण दर्ज पाए गए हैं।
वर्तमान में वह थाना सिरगिट्टी, बिलासपुर के अपराध क्रमांक 368/2026 में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत 26 जून 2026 से केंद्रीय जेल बिलासपुर में निरुद्ध है। जूटमिल पुलिस ने न्यायालय से उसकी औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति लेकर प्रोडक्शन वारंट हासिल किया है। अब उसे बिलासपुर केंद्रीय जेल से रायगढ़ लाकर पूछताछ और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इन धाराओं में दर्ज है मामला
जूटमिल थाने में प्रकरण क्रमांक 46/2026 दर्ज है। मामले में धारा 336(3), 338, 340(2), 287 बीएनएस एवं 3/7 ईसी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी तथा सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई। आरोपियों की धरपकड़ में थाना जूटमिल प्रभारी निरीक्षक अभिनव कांत सिंह, प्रधान आरक्षक लोमेश सिंह राजपूत, आरक्षक शांति मिरी और आरक्षक शिवा प्रधान की अहम भूमिका रही।
एसएसपी ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ जिले से गुजरने वाले हाईवे पर खड़े भारी वाहनों से डीजल चोरी की घटनाओं को पुलिस गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि जूटमिल पुलिस की विवेचना में सामने आए गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध में प्रयुक्त वाहनों, फर्जी नंबर प्लेट और डीजल चोरी के नेटवर्क पर पुलिस की विशेष नजर है। ऐसे अपराधों में संलिप्त सभी आरोपियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।






