
घर-घर होगा असाक्षरों का चिन्हांकन, ऑनलाइन पंजीयन के बाद साक्षरता कक्षाओं से जोड़ने की तैयारी; रैली, नुक्कड़ नाटक और चौपाल से जागेगी शिक्षा की चेतना
बम्हनीडीह। शिक्षा की रोशनी से कोई गांव और कोई व्यक्ति वंचित न रहे, इसी संकल्प के साथ विकासखंड बम्हनीडीह के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में ‘उल्लास नवभारत साक्षरता’ अभियान को व्यापक रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। साक्षरता पखवाड़े के तहत अब अभियान विकासखंड मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर असाक्षर व्यक्तियों को चिन्हांकित कर उन्हें बुनियादी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
जिला कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय पोयाम एवं जिला शिक्षा अधिकारी एम.पी. सिंह के निर्देशानुसार तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में विकासखंड मुख्यालय से लेकर संकुल और ग्राम स्तर तक अभियान को गति दी जा रही है। अभियान में पढ़ने-लिखने के साथ-साथ बुनियादी संख्यात्मक ज्ञान को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है।
घर-घर दस्तक देगा साक्षरता अभियान
अभियान के अंतर्गत असाक्षर व्यक्तियों का घर-घर जाकर चिन्हांकन एवं ऑनलाइन पंजीयन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें साक्षरता कक्षाओं से जोड़कर पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणित का ज्ञान दिया जाएगा। विशेष रूप से ऐसे ग्रामीण परिवारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए हैं।


गांवों में स्वयंसेवी साथियों को तैयार कर साक्षरता कक्षाओं के संचालन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं सामाजिक चेतना केंद्रों के निरीक्षण, स्थानीय बैठकों और ग्राम चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा।
रैली और नुक्कड़ नाटक से गूंजेगा ‘शिक्षा का संदेश’
अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न बनाकर जनभागीदारी का आंदोलन बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए छात्र-छात्राओं के सहयोग से साक्षरता रैली, साइकिल रैली, प्रभात फेरी और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। दूरस्थ गांवों में चौपाल, जागरूकता शिविर और नारा लेखन जैसी गतिविधियों के जरिए लोगों तक शिक्षा का संदेश पहुंचाया जाएगा।
अभियान में शिक्षक एवं विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, एनसीसी-एनएसएस स्वयंसेवक, शिक्षित दीदियां, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, सामाजिक संस्थाएं एवं शासकीय कर्मचारी भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
विद्यार्थी बनेंगे ‘अक्षर साथी’, दूसरों को देंगे शिक्षा की रोशनी
‘उल्लास नवभारत साक्षरता’ अभियान की सबसे महत्वपूर्ण पहल के रूप में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों तथा महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। इन्हें ‘अक्षर साथी’ के रूप में एनआईएलपी पर पंजीकृत कर असाक्षर लोगों को पढ़ना-लिखना और बुनियादी गणित सिखाने में सहयोग लिया जाएगा।
इस पहल से विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ग्रहण करने का ही नहीं, बल्कि अपने ही गांव और समाज के लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का अवसर मिलेगा। इससे नई पीढ़ी में सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नवसाक्षरों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी रहेगा फोकस
अभियान का उद्देश्य केवल किसी व्यक्ति को पढ़ना-लिखना सिखाने तक सीमित नहीं है। नवसाक्षरों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, पात्रता एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी दी जाएगी। चौपाल और बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं से अवगत कराया जाएगा।
पूर्व में आयोजित साक्षरता परीक्षाओं में शामिल नवसाक्षरों को उनकी पात्रता के अनुसार शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में भी प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा।
अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी साक्षरता की रोशनी
दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में शुरू की जा रही यह पहल वयस्कों, ग्रामीण महिलाओं और शिक्षा से वंचित लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अभियान के पीछे प्रशासन की मंशा स्पष्ट है कि साक्षरता का संदेश केवल विकासखंड या जिला मुख्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि अंतिम गांव, अंतिम घर और हर पात्र व्यक्ति तक शिक्षा की रोशनी पहुंचे।
‘उल्लास नवभारत साक्षरता’ अभियान के माध्यम से बम्हनीडीह विकासखंड में अब अक्षर ज्ञान को जनअभियान और साक्षरता को सामाजिक जिम्मेदारी बनाने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं








