कांसाबेल थाना क्षेत्र के गंभीर पॉक्सो प्रकरण में त्वरित सुनवाई; अभियोग पत्र पेश होने के 23 दिन में दोषसिद्ध हुआ 62 वर्षीय आरोपी
Jashpur POCSO Case में त्वरित विवेचना से मिली सजा
जशपुर। थाना कांसाबेल क्षेत्र के गंभीर पॉक्सो प्रकरण में जशपुर पुलिस की त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप न्यायालय ने आरोपी विनोद एक्का उर्फ जशपुरिया उर्फ छोटा दादू, उम्र 62 वर्ष, को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। Jashpur POCSO Case में अभियोग पत्र पेश होने के महज 23 दिन और एफआईआर दर्ज होने के 40 दिन के भीतर न्यायालय का फैसला आया।
13 अगस्त को दर्ज हुई थी शिकायत
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के पिता ने 13 अगस्त 2026 को थाना कांसाबेल में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के मुताबिक 9 अगस्त की शाम 7 वर्षीय बच्ची गांव में एक व्यक्ति के घर टीवी देखते हुए खाना खा रही थी। इसी दौरान आरोपी उसे अपने साथ अपने घर ले गया। बाद में बच्ची के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 65(2) बीएनएस तथा धारा 4 और 6 पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया। विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बाद में धारा 96, 65(2), 127(2) बीएनएस एवं धारा 4, 6 पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियोग पत्र 2 सितंबर 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विवेचक जितेंद्र कुमार ताम्रकार ने जुटाए साक्ष्य
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी एवं विवेचक जितेंद्र कुमार ताम्रकार ने मामले की जांच की। घटनास्थल का निरीक्षण, नजरी नक्शा तैयार करने, पीड़िता एवं साक्षियों के बयान दर्ज करने के साथ पीड़िता और आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। प्रकरण से जुड़े आवश्यक वैज्ञानिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य भी संकलित किए गए।
अभियोग पत्र के 23 दिन में न्यायालय का फैसला
2 सितंबर 2026 को अभियोग पत्र प्रस्तुत किए जाने के बाद न्यायालय ने मामले की त्वरित सुनवाई की। 24 सितंबर 2026 को निर्णय पारित करते हुए आरोपी को दोषसिद्ध किया गया। इस तरह Jashpur POCSO Case में अभियोग पत्र पेश होने के 23 दिन के भीतर सजा सुनाई गई, जबकि एफआईआर दर्ज होने के 40 दिन में न्यायालय का फैसला आया।
13 साक्षियों का हुआ परीक्षण
प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश, एफटीसी जशपुर श्री जनार्दन खरे के न्यायालय में हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) श्री अनुपम कुमार तिर्की ने पैरवी की। विचारण के दौरान पीड़िता सहित कुल 13 साक्षियों का परीक्षण कराया गया और संबंधित दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
आरोपी को 20 वर्ष सश्रम कारावास
न्यायालय ने आरोपी विनोद एक्का उर्फ जशपुरिया उर्फ छोटा दादू को धारा 65(2) बीएनएस के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास एवं 2 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 127(2) बीएनएस के तहत 1 वर्ष सश्रम कारावास एवं 1 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 6 पॉक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास एवं 2 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। आदेश के अनुसार सभी कारावास की सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
एसएसपी ने त्वरित न्याय की दिशा में कार्रवाई जारी रखने की बात कही
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि गंभीर एवं संवेदनशील अपराधों में जशपुर पुलिस द्वारा त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा प्रभावी अभियोजन के माध्यम से आरोपियों को कानून के अनुसार दंडित कराने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। उन्होंने कहा कि पॉक्सो के गंभीर प्रकरण में पुलिस की विवेचना और विशेष लोक अभियोजक की पैरवी के परिणामस्वरूप आरोपी को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा मिली है।






