लगातार बारिश से गंगरेल, सोंढूर और मुरुमसिल्ली में बढ़ी पानी की आवक, जलस्तर पर प्रशासन की नजर
धमतरी। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। गंगरेल, सोंढूर और मुरुमसिल्ली बांधों का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है। गंगरेल बांध 97 प्रतिशत से अधिक भर चुका है और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए इसके 14 में से 4 गेट खोल दिए गए हैं। प्रशासन और जल संसाधन विभाग बांधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।
गंगरेल बांध में 31 टीएमसी से ज्यादा पानी
धमतरी के गंगरेल बांध पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। करीब 32 टीएमसी क्षमता वाले इस बांध में 31 टीएमसी से अधिक पानी पहुंच चुका है और इसका जलभराव 97 प्रतिशत के पार बताया गया है। बांध में 10 हजार क्यूसेक से अधिक पानी की आवक हो रही है।
बढ़ती आवक को देखते हुए 14 में से 4 गेट खोले गए हैं। यदि पानी की आवक लगातार बढ़ती रही तो परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त गेट भी खोले जा सकते हैं।
महानदी में छोड़ा जा रहा 5,100 क्यूसेक से ज्यादा पानी
सोंढूर और मुरुमसिल्ली बांधों से भी पानी की आवक गंगरेल की ओर बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण तीनों प्रमुख जलाशयों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
गंगरेल बांध से फिलहाल महानदी में 5,100 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पानी की आवक बढ़ने पर डिस्चार्ज की मात्रा भी बढ़ाई जा सकती है। नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है।
25 सितंबर को बारिश और गरज-चमक की संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25 सितंबर को धमतरी में बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां आगे भी जारी रहने के संकेत हैं।
ऐसे में नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
बढ़ती आवक के बीच प्रशासन की नजर
लगातार बारिश और जलाशयों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। गंगरेल में पानी की आवक, खुले गेटों से छोड़े जा रहे पानी और महानदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
यदि बारिश के साथ पानी की आवक में और बढ़ोतरी होती है, तो आवश्यकता के अनुसार गंगरेल बांध के अतिरिक्त गेट खोले जा सकते हैं। स्थिति के अनुरूप प्रशासन द्वारा आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।






