लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा का मुद्दा गरमाया: पत्रकारों और एक्टिविस्टों की सुरक्षा को लेकर ABPSS ने सौंपा ज्ञापन

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चरित्र हनन, सोशल मीडिया ट्रॉलिंग और धमकियों के आरोपों पर जताई चिंता; पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

बिलासपुर/सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग एवं अंबिकापुर क्षेत्र में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और डिजिटल मीडिया एक्टिविस्टों की सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति (ABPSS), छत्तीसगढ़ ने आवाज उठाई है। समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पत्रकारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने और कथित रूप से उन्हें निशाना बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सवाल उठाने पर व्यक्तिगत हमलों का आरोप

प्रतिनिधिमंडल ने सहायक प्राध्यापक एवं एक्टिविस्ट अकिल अहमद अंसारी द्वारा हाल ही में जारी खुले पत्र का संदर्भ देते हुए पुलिस प्रशासन के समक्ष क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताई। समिति का कहना है कि शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली, भ्रष्टाचार अथवा जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यात्मक सवाल उठाने वाले पत्रकारों और जागरूक नागरिकों को जवाब देने के बजाय कथित तौर पर व्यक्तिगत निशाना बनाया जा रहा है।

समिति ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में पत्रकारों और एक्टिविस्टों के निजी जीवन, चरित्र, परिवार और धर्म को लेकर टिप्पणियां कर उन्हें मानसिक एवं सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया जा रहा है। सोशल मीडिया ट्रॉलिंग, व्यक्तिगत रंजिश और धमकियों के माध्यम से आवाज दबाने के प्रयासों को समिति ने प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।

ABPSS ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

ज्ञापन के माध्यम से समिति ने पत्रकारों और एक्टिविस्टों की सुरक्षा को लेकर प्रमुख रूप से तीन मांगें रखीं—

1. उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच: पत्रकारों और एक्टिविस्टों को कथित रूप से निशाना बनाने वाले असामाजिक तत्वों, भू-माफियाओं, संगठित गिरोहों और निजी हमले करने वालों के खिलाफ उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।

2. सुरक्षा एवं संरक्षण: निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता करने वाले प्रतिनिधियों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे बिना भय और दबाव के जनहित के मुद्दे उठा सकें।

3. सख्त कानूनी कार्रवाई: सोशल मीडिया पर ट्रॉलिंग, चरित्र हनन और धमकी देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से हस्तक्षेप की अपील

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति (ABPSS) के प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं गृह मंत्री तथा उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से मामले में हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को त्वरित और प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि प्रदेश में पत्रकार सुरक्षित एवं निर्भीक वातावरण में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।

प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह परिहार, प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द शर्मा, राष्ट्रीय पदाधिकारी अमित संतवानी एवं उत्पल सेनगुप्ता प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्रकारों एवं एक्टिविस्टों की सुरक्षा तथा प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
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