कलाकारों और सामाजिक संगठनों की मदद से लोगों तक पहुंचाया जाएगा जागरूकता संदेश, बस्तर में जादू-टोना के नाम पर प्रताड़ना के मामलों पर भी रहेगा फोकस
अंबिकापुर। महिला एवं बालिका तस्करी की रोकथाम के लिए सरगुजा संभाग में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अंबिकापुर में आयोजित संभाग स्तरीय सुनवाई के दौरान महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू ने अभियान को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोगों तक प्रभावी ढंग से संदेश पहुंचाने के लिए स्थानीय कलाकारों और सामाजिक संस्थाओं की मदद ली जाएगी।
कलाकारों के माध्यम से पहुंचाया जाएगा संदेश
महिला आयोग अध्यक्ष ममता साहू के अनुसार, सामान्य जागरूकता कार्यक्रमों में कई बार लोगों की अपेक्षित भागीदारी नहीं हो पाती। इसी को देखते हुए अभियान में कला और रचनात्मक माध्यमों को शामिल करने की योजना बनाई गई है।
स्थानीय कलाकारों के जरिए नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अन्य रचनात्मक माध्यमों से महिलाओं एवं बालिकाओं की तस्करी से जुड़े जोखिमों के बारे में लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
सरगुजा के साथ बस्तर में भी अभियान
अभियान का दायरा केवल सरगुजा संभाग तक सीमित नहीं रहेगा। महिला आयोग की ओर से सरगुजा के साथ बस्तर संभाग में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।
इन कार्यक्रमों में महिलाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दों, उनके अधिकारों और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा। सामाजिक संगठनों की भागीदारी के जरिए अभियान को ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
जादू-टोना के नाम पर महिलाओं की प्रताड़ना पर भी फोकस
महिला आयोग अध्यक्ष ने बस्तर क्षेत्र में जादू-टोना के नाम पर महिलाओं को प्रताड़ित किए जाने वाले मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए अंधविश्वास के खिलाफ सामाजिक जागरूकता जरूरी है।
अभियान के दौरान लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि अंधविश्वास के नाम पर किसी महिला को प्रताड़ित करना या उसके साथ हिंसा करना स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही ऐसे मामलों की सूचना संबंधित प्रशासनिक एवं कानूनी संस्थाओं तक पहुंचाने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
सामाजिक संगठनों और कलाकारों की होगी भागीदारी
महिला आयोग की प्रस्तावित पहल में कलाकारों और सामाजिक संगठनों को महत्वपूर्ण भूमिका दी जा रही है। आयोग का उद्देश्य जागरूकता संदेश को केवल बैठकों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय भाषा, कला और सांस्कृतिक माध्यमों के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।
महिला एवं बालिका तस्करी की रोकथाम के साथ महिलाओं के खिलाफ अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के कारण होने वाली प्रताड़ना को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य रहेगा।






