मेकाहारा अस्पताल में बिना हथकड़ी परिजनों से मुलाकात का वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने की कार्रवाई, तीन प्रहरियों की ड्यूटी पर उठे सवाल
रायपुर, 30 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे टामन सिंह सोनवानी की अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सामने आए वीडियो के बाद जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सोनवानी को इलाज के लिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल लाया गया था, जहां उनका एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे परिजनों के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक इस दौरान वे बिना हथकड़ी दिखाई दिए।
वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने ड्यूटी में तैनात सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की जांच कराई। इसके बाद तीन जेल प्रहरियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिनमें से संदीप कुमार माहेश्वरी को सेवा से बर्खास्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मेकाहारा अस्पताल में इलाज के दौरान सामने आया वीडियो
टामन सोनवानी को स्वास्थ्य संबंधी उपचार और जांच के लिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया था। इससे पहले अगस्त 2026 में भी स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनके उपचार के दौरान पेसमेकर लगाए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
इसी अस्पताल में बाद की विजिट के दौरान सामने आए वीडियो में सोनवानी कुछ लोगों के साथ बातचीत करते दिखाई दिए। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार वीडियो में उनके साथ परिजन मौजूद थे और वे बिना हथकड़ी नजर आए। वीडियो प्रसारित होने के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी में तैनात प्रहरियों की भूमिका की जांच शुरू की।
तीन जेल प्रहरियों पर कार्रवाई
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सोनवानी की निगरानी के लिए संदीप कुमार माहेश्वरी, नागेन्द्र कुमार महतो और पवन कुमार लहरे की ड्यूटी लगाई गई थी।
जांच के बाद बलौदाबाजार जिला जेल में पदस्थ प्रहरी संदीप कुमार माहेश्वरी को सेवा से बर्खास्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं नागेन्द्र कुमार महतो और पवन कुमार लहरे के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
विचाराधीन बंदी को अस्पताल ले जाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सामने आए वीडियो ने जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टों में इसे ड्यूटी में लापरवाही से जोड़ते हुए कार्रवाई की बात कही गई है।
हालांकि, किसी बंदी को अस्पताल ले जाते समय हथकड़ी लगाने सहित सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं संबंधित परिस्थितियों और लागू नियमों के अनुसार तय होती हैं। इसलिए वीडियो में बिना हथकड़ी दिखाई देने की स्थिति को अपने आप में किसी विशेष नियम के उल्लंघन का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता; इस मामले में जेल प्रशासन की जांच और उसके आधार पर की गई कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
CGPSC मामले में न्यायिक हिरासत में हैं सोनवानी
टामन सिंह सोनवानी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से जुड़े पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। जुलाई 2026 में प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें इस मामले से जुड़े धनशोधन आरोपों में गिरफ्तार किया था। सितंबर में ईडी ने सोनवानी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की थी।
फिलहाल अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मामले में जेल प्रशासन की कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।






