11 वर्षों से चली आ रही परंपरा में आसपास के गांवों से जुटे लोग, कर्मा नृत्य के जरिए दिया एकता, प्रेम और अहिंसा का संदेश
लैलूंगा। महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम तोलमा स्थित गांधी चौक में 2 अक्टूबर को कर्मा महोत्सव का आयोजन किया गया। करीब 11 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में इस बार भी आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कर्मा नृत्य दल शामिल हुए। मांदर की थाप और कर्मा गीतों के बीच पूरा गांधी चौक लोक संस्कृति के रंग में नजर आया।

कर्मा डार की स्थापना के साथ शुरू हुआ आयोजन
महोत्सव की शुरुआत ग्रामीणों और गांव के गणमान्य नागरिकों द्वारा विधिवत कर्मा डार स्थापित कर पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके बाद अतिथियों का पुष्पमाला और स्वागत गीत के साथ अभिनंदन किया गया।

डुमरिपारा, चेलिटोंगरी, गिद्धरा, मोहनीपुरी, ऊपरपारा और मुड़ापारा सहित आसपास के गांवों से पहुंचे कर्मा नृत्य दलों ने पारंपरिक गीत और नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
बच्चों से बुजुर्गों तक दिखा उत्साह
कर्मा गीतों और मांदर की थाप के बीच ग्रामीणों ने भी नृत्य में सहभागिता की। कार्यक्रम में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उत्साह के साथ शामिल हुए। लोकगीत, पारंपरिक वाद्य और सामूहिक नृत्य ने आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल बना दिया।

गांधी के विचारों और लोकसंस्कृति को जोड़ने की पहल
ग्रामीणों के अनुसार, गांधी जयंती के दिन कर्मा महोत्सव आयोजित करने का उद्देश्य केवल लोकपरंपरा को आगे बढ़ाना नहीं है। कर्मा पर्व सामाजिक मेल-जोल, सहयोग और भाईचारे से जुड़ा हुआ है, जबकि गांधी जयंती सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भाव के संदेश की याद दिलाती है।

इसी विचार को ध्यान में रखते हुए ग्राम तोलमा में पिछले करीब 11 वर्षों से 2 अक्टूबर को यह आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समय के साथ यह कार्यक्रम आसपास के गांवों के लोगों को एक मंच पर जोड़ने वाली परंपरा बन गया है।
पूर्व विधायक हृदय राम राठिया ने भी किया कर्मा नृत्य
महोत्सव में पूर्व विधायक हृदय राम राठिया ने भी ग्रामीणों के साथ कर्मा नृत्य में हिस्सा लिया। उन्होंने मांदर की थाप पर ग्रामीणों के साथ नृत्य कर कार्यक्रम में सहभागिता की।
इस दौरान उन्होंने गांधी जयंती के अवसर पर सत्य, अहिंसा, एकता और भाईचारे के महत्व को रेखांकित किया तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।
विधायक विद्यावती सिदार ने दिया एकजुटता का संदेश
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार रहीं। उन्होंने गांधी जयंती पर ग्रामीणों को प्रेम, शांति, आपसी भाईचारे और एकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि कर्मा महोत्सव जैसे आयोजन स्थानीय लोककला और परंपराओं को संरक्षित करने के साथ समाज में आपसी जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं। इस दौरान अतिथियों और जनप्रतिनिधियों ने महात्मा गांधी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष ज्योति भगत, पूर्व विधायक हृदय राम राठिया, ग्राम पंचायत सरपंच कुमारी सिरोन टोप्पो, जनपद सदस्य डॉ. अब्राहम टोप्पो, पूर्व जनपद सदस्य रतन सिंह सिदार, मुकडेगा मंडल अध्यक्ष संजय पटेल, सुकदेव सिदार, पंचायत सचिव संगल साय पैंकरा, पूर्व सचिव संतान प्रसाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन भूतपूर्व सरपंच इंद्रसाय टोप्पो ने किया। आयोजन के दौरान पत्रकारों का सम्मान भी किया गया।
उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को किया गया पुरस्कृत
विभिन्न गांवों से पहुंचे कर्मा नृत्य दलों ने पारंपरिक गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुतियों में ग्रामीण संस्कृति और लोकपरंपरा की झलक देखने को मिली।
उत्कृष्ट कर्मा नृत्य प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को आयोजन समिति की ओर से सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इससे कलाकारों का उत्साह बढ़ा और लोककला को आगे बढ़ाने के प्रयासों को प्रोत्साहन मिला।
नई पीढ़ी को लोकसंस्कृति से जोड़ने का प्रयास
ग्रामीणों ने बताया कि 11 वर्षों से जारी यह आयोजन अब गांव की वार्षिक परंपरा का हिस्सा बन चुका है। कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को कर्मा गीत, लोकनृत्य और पारंपरिक संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस महोत्सव में एक तरफ लोकसंस्कृति की जीवंत तस्वीर देखने को मिली, तो दूसरी ओर प्रेम, अहिंसा, सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी सामने आया। सामूहिक सहभागिता ने तोलमा के इस आयोजन को ग्रामीणों के लिए यादगार बना दिया।






