7 लाख से अधिक पात्र लोगों के बने कार्ड, कलेक्टर रेना जमील की निगरानी और स्वास्थ्य अमले की मेहनत लाई रंग
प्रदेश में नंबर वन बना सूरजपुर
सूरजपुर। आयुष्मान भारत योजना के पात्र लोगों को कार्ड से जोड़ने के मामले में सूरजपुर जिला प्रदेश भर में सबसे आगे निकल गया है। जिले में अब तक 7 लाख 7 हजार से ज्यादा कार्ड बन चुके हैं, जो तय लक्ष्य का लगभग 97 प्रतिशत है।
निगरानी और मैदानी मेहनत का नतीजा
इस सफलता के पीछे जिला प्रशासन की लगातार समीक्षा और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की सक्रियता को अहम माना जा रहा है। कलेक्टर रेना जमील ने पूरे अभियान पर नियमित नजर रखी। वहीं विभाग की टीमें गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर पात्र परिवारों को योजना की जानकारी देती रहीं और उनके कार्ड बनवाए।
5 लाख तक का कैशलेस इलाज, गंभीर बीमारी में बड़ी राहत
आयुष्मान भारत केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना है, जिसमें पात्र परिवारों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपये तक का नकद-रहित (कैशलेस) इलाज मिलता है। गंभीर बीमारी की स्थिति में महंगे इलाज का बोझ कमजोर आर्थिक वर्ग के परिवारों पर भारी पड़ता है, ऐसे में यह कार्ड उनके लिए बड़ी राहत साबित होता है।
कलेक्टर ने की अमले की सराहना, सौ प्रतिशत का संकल्प
कलेक्टर रेना जमील ने इसे आम जनता के जीवन से जुड़ी अहम योजना बताते हुए कार्ड बनाने में जुटे अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिले में सौ प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
कोई पात्र न छूटे, जारी रहेगा अभियान
प्रशासन का कहना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी की कमी या कार्ड न होने की वजह से योजना के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा।











