छत्तीसगढ़ में नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) ने नर्सिंग कोर्स में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 15 नवंबर कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश के सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों की 11 हजार से अधिक सीटों के लैप्स होने का खतरा फिलहाल टल गया है। हालांकि, छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल और पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंस विश्वविद्यालय की धीमी प्रक्रिया के कारण अब तक प्रवेश के लिए काउंसिलिंग शुरू नहीं हो पाई है।
तीसरी बार बढ़ाई गई प्रवेश की तारीख
नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की समय-सीमा बढ़ाने का यह तीसरा मौका है। आईएनसी ने पहले 31 अक्टूबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा निर्धारित की थी, लेकिन प्रदेश में आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी नहीं होने के कारण विद्यार्थियों के सामने प्रवेश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब काउंसिल ने अतिरिक्त समय देते हुए अंतिम तिथि 15 नवंबर कर दी है।
मान्यता और एफिलिएशन में देरी बनी बड़ी वजह
प्रदेश में प्रवेश प्रक्रिया अटकने के पीछे छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल और हेल्थ साइंस विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को प्रमुख वजह माना जा रहा है। नर्सिंग काउंसिल ने कॉलेजों को शर्तों के साथ मान्यता देने की प्रक्रिया में देरी की। वहीं, हेल्थ साइंस विश्वविद्यालय करीब दो महीने का समय बीत जाने के बाद भी कॉलेजों को एफिलिएशन नहीं दे पाया है।
इन प्रक्रियाओं के अधूरे रहने से चिकित्सा शिक्षा विभाग प्रवेश के लिए काउंसिलिंग शुरू नहीं कर पा रहा है। हाल ही में कमिश्नर मेडिकल एजुकेशन रितेश अग्रवाल ने आईएनसी को पत्र लिखकर प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 15 दिसंबर तक करने का अनुरोध किया था।
11 हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश का इंतजार
प्रदेश के सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालित हैं। इन पाठ्यक्रमों में कुल 11 हजार से अधिक सीटें हैं। इनमें अकेले बीएससी नर्सिंग की 7,700 से ज्यादा सीटें शामिल हैं।
प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं होने से कॉलेज संचालक भी परेशान हैं। उनका कहना है कि यदि नवंबर में काउंसिलिंग शुरू होती है, तो इतने कम समय में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाना चुनौतीपूर्ण होगा। देरी का सीधा असर कॉलेजों की शैक्षणिक गतिविधियों और सीटों पर पड़ सकता है।
सीमित समय में पूरी करनी होगी प्रवेश प्रक्रिया
प्रवेश की तारीख बढ़ने से कॉलेजों और विद्यार्थियों को कुछ अतिरिक्त समय जरूर मिला है, लेकिन अब भी प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय काफी सीमित है। नवंबर में दीपावली सहित अन्य त्योहारों के कारण काउंसिलिंग और प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका भी है।
फिलहाल सभी की निगाहें चिकित्सा शिक्षा विभाग, नर्सिंग काउंसिल और हेल्थ साइंस विश्वविद्यालय पर टिकी हैं। यदि संबंधित संस्थाएं जल्द मान्यता, एफिलिएशन और काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं करतीं, तो अतिरिक्त समय मिलने के बावजूद हजारों सीटों पर प्रवेश कराना बड़ी चुनौती बना रह सकता है।











