न पति न प्रेमी तो वो अजनबी कौन? जिसने बेंगलुरु में महालक्ष्मी की हत्या करके लाश के किए 30 टुकड़े


बेंगलुरु के व्यालिकेवल इलाके में हुए महालक्ष्मी मर्डर केस उलझ गया है। बेंगलुरु पुलिस ने महालक्ष्मी के पति हेमंत दास और प्रेमी अशरफ दोनों से पूछताछ कर ली है। दोनों ने हत्या करने से इनकार कर दिया है। दोनों से पूछताछ में कोई ऐसा सुराग भी नहीं मिला, जिससे पता चले कि उन्होंने हत्या की है। वारदातस्थल से भी दोनों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर पति हेमंत दास और प्रेमी अशरफ ने महालक्ष्मी को नहीं मारा तो फिर किसने मारा? कब, कैसे और क्यों मारा?
हालांकि पुलिस ने अभी तक हेमंत और अशरफ को क्लीन चिट नहीं दी है, लेकिन पुलिस के शक की सुई अब तीसरे शख्स की तरफ घूम गई है, जो गुमनाम है। इसका जवाब शायद उस फोन नंबर में छिपा हो, जिस पर आखिरी बार महालक्ष्मी ने कॉल किया था। महालक्ष्मी के फोन से आखिरी कॉल 2 सितंबर को हुई थी, इसका मतलब यह है कि महालक्ष्मी 2 सितंबर के बाद जिंदा नहीं थी। उसकी मां और बहन लगातार उसे फोन कर रहे थे, लेकिन उससे बात नहीं हो पा रही थी। इसके बाद दुर्गंध आने पर मकान मालिक ने पुलिस को फोन करके बुलाया और वारदात का खुलासा हुआ।







