
आदि कर्मयोगी अभियान का धमाका! झारआमा पंचायत में सरपंच से लेकर गुरुजी तक उतरे मैदान, हर गली-मोहल्ले में जागरूकता की लहर


लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम पंचायत झारआमा में इन दिनों कुछ अलग ही नज़ारा देखने को मिल रहा है। आदि कर्मयोगी अभियान के तहत अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि सीधे ग्रामीणों के बीच जाकर समस्याओं को सुन रहे हैं और आने वाले पाँच सालों के भीतर हल करने का लक्ष्य तय कर रहे हैं। इस पहल को लेकर गाँव के चौक-चौराहों और मोहल्लों में जमकर हलचल मची हुई है।

कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुजी, सरपंच, सचिव, महिला समूह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर पहुँचकर ग्रामीणों से रूबरू हो रहे हैं। ग्रामीण भी खुलकर अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामुदायिक समस्याएँ सामने रख रहे हैं। यही नहीं, समस्याओं के समाधान की ठोस कार्ययोजना भी तुरंत बनाई जा रही है।

सबसे खास बात यह है कि हर ग्राम पंचायत में आदि कर्मयोगी सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं, जहाँ ग्रामीण अपनी समस्याएँ दर्ज करवा सकेंगे और उनका समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। झारआमा पंचायत की यह मुहिम पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

आंदोलन जैसे अंदाज़ में गाँव की गलियों में घूम रहे दलों ने ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दी और जागरूकता फैलाने का बीड़ा उठाया। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर लोगों को विस्तार से बताया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह अभियान इसी तरह आगे बढ़ता रहा तो पाँच साल बाद गाँव की तस्वीर बदल जाएगी। वहीं सरपंच और सचिव ने दावा किया कि झारआमा पंचायत इस अभियान की मिसाल बनकर पूरे इलाके में आदर्श प्रस्तुत करेगा।
संक्षेप में, झारआमा पंचायत का आदि कर्मयोगी अभियान अब सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्राम परिवर्तन का जनआंदोलन बन चुका है।







