शताब्दी वर्ष में संघ की गरिमा का जलवा! लैलूंगा में गूंजा “भारत माता की जय” — विजयादशमी उत्सव में उमड़ा जनसैलाब
रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया लैलूंगा
लैलूंगा, 04 अक्टूबर 2025 — राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर आज लैलूंगा नगरी में अनुशासन, परंपरा और राष्ट्रभक्ति का विराट संगम देखने को मिला। विजयादशमी के पावन पर्व पर आयोजित इस विजयादशमी उत्सव ने जनमानस में नई ऊर्जा और संगठन के प्रति अद्भुत श्रद्धा का संचार किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक शस्त्र पूजन और संघ प्रार्थना से हुई, जहां स्वयंसेवकों ने परंपरागत गणवेश में कदमताल करते हुए अनुशासन और समर्पण की मिसाल पेश की। ढोल-नगाड़ों की गूंज और भगवा ध्वज के नीचे “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष से पूरा मैदान गूंज उठा।
कार्यक्रम में संघ गीत, बौद्धिक विचार गोष्ठी तथा सामाजिक समरसता पर प्रेरणादायक उद्बोधन हुआ। वक्ताओं ने बताया कि संघ का उद्देश्य केवल संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सतत साधना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति, परिवार और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को दृढ़ता से निभाएं।
इस अवसर पर आमापाली, लारीपानी, गुनु, फूटा मुड़ा, राजाअमा, केनपारा, सागरपाली सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों स्वयंसेवक एकत्र हुए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में देशभक्ति की भावना स्पष्ट झलक रही थी।
समापन के दौरान शताब्दी वर्ष के प्रतीक चिन्ह का अनावरण किया गया, और सामूहिक नारे से वातावरण गूंज उठा —
“एक लक्ष्य, एक विचार, राष्ट्र सर्वोपरि!”
इस आयोजन ने न केवल परंपरा की लौ प्रज्वलित की, बल्कि यह संदेश भी दिया कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा सिर्फ इतिहास नहीं, भविष्य की दिशा है!








