धरमजयगढ़/रायगढ़। जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र में सर्पदंश (सांप काटने) की शिकार एक युवती की जान बचाने में डायल 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने सराहनीय भूमिका निभाई। त्वरित कार्रवाई, बेहतर समन्वय और समय पर उपचार मिलने से गंभीर अवस्था में पहुंची मरीज को जीवनदान मिल सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शैल कुमारी, पिता बलराम कुमार, निवासी ग्राम मिरीगुड़ा, तहसील धरमजयगढ़, जिला रायगढ़, को सांप ने काट लिया था। घटना के बाद परिजन तत्काल उसे सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को अत्यंत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायगढ़ रेफर कर दिया।
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए सिविल हॉस्पिटल धरमजयगढ़ का BMO सर ने रायगढ़ 108 प्रबंधक गिरधर साहू सर को सूचना दी । सूचना मिलते ही एम्बुलेंस टीम मौके पर पहुंची और मरीज को सुरक्षित रूप से रायगढ़ मेडिकल कॉलेज ले जाने की जिम्मेदारी संभाली। एम्बुलेंस में तैनात ईएमटी एलिशा केरकेट्टा ने पूरे रास्ते मरीज की लगातार निगरानी की तथा आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
वहीं एम्बुलेंस के पायलट अनमोल यादव ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से वाहन का संचालन किया और मरीज को कम समय में मेडिकल कॉलेज रायगढ़ पहुंचाया। समय पर अस्पताल पहुंचने और रास्ते में मिली चिकित्सा सहायता के कारण मरीज की जान बचाने में सफलता मिली।
परिजनों ने डायल 108 एम्बुलेंस सेवा, ईएमटी एलिशा केरकेट्टा तथा पायलट अनमोल यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों ने भी 108 सेवा की तत्परता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में यह सेवा आम नागरिकों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।
डायल 108 की इस त्वरित एवं मानवीय सेवा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय पर मिली चिकित्सा सहायता और समर्पित कर्मियों की मेहनत किसी भी मरीज के लिए नई जिंदगी का कारण बन सकती है।









