

बिलासपुर जिले में फर्जी स्कूलों के संचालन की शिकायतों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जिले में कुछ निजी स्कूल बिना वैध मान्यता के संचालित हो रहे हैं, लेकिन विभाग की निगरानी अब तक प्रभावी नजर नहीं आ रही। ताजा मामला सिलतरा गांव का है, जहां डी.एस. पब्लिक स्कूल के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्कूल के पास अपनी मान्यता नहीं है, फिर भी दूसरे विद्यालय की मान्यता और यू-डाइस कोड का इस्तेमाल कर अभिभावकों को भ्रमित किया जा रहा है। शिकायत में दावा किया गया है कि प्रचार-प्रसार के लिए बांटे जा रहे पम्पलेट में विवेकानंद विद्यालय, पाली का यू-डाइस कोड और मान्यता क्रमांक दर्शाकर उसे अपना बताया जा रहा है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य और अभिभावकों के भरोसे के साथ गंभीर खिलवाड़ होगा। अब सबसे बड़ा सवाल शिक्षा विभाग पर है कि आखिर बिना मान्यता के स्कूल चलने और ऐसे आरोप सामने आने के बावजूद निगरानी व्यवस्था कहां है शिकायत कर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि निजी स्कूलों पर लोगों का विश्वास बना रहे।








