जशपुर। नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत जशपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

आम की आड़ में 207 किलो गांजा तस्करी
मामला 12 मई 2026 का है। चौकी दोकड़ा पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की पिकअप में कच्चे आम की आड़ में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने ग्राम देवरी के पास नाकाबंदी की।
पुलिस को देखकर चालक ने वाहन भगाने का प्रयास किया, लेकिन पीछा करने के बाद बहाल जोर के पास पिकअप को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर 23 प्लास्टिक कैरेट में भरे कच्चे आम के नीचे खाकी टेप से लिपटे गांजे के पैकेट मिले। कुल 207 पैकेट में 207 किलो गांजा बरामद किया गया।
एक करोड़ से ज्यादा की जब्ती
मामले में पुलिस ने 1 करोड़ 13 लाख 60 हजार 550 रुपये की कुल संपत्ति जब्त की थी। इसमें करीब 1 करोड़ 3 लाख 50 हजार रुपये का गांजा, 10 लाख रुपये कीमत का पिकअप वाहन, करीब 10 हजार रुपये का मोबाइल फोन और 550 रुपये नकद शामिल थे।
इस मामले में पिकअप चालक प्रेमनाथ सिंह (36 वर्ष), निवासी विमड़ा, थाना बगीचा, जिला जशपुर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उसके खिलाफ चौकी दोकड़ा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(2)(सी) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
जांच में सामने आए फरार आरोपियों के नाम
पुलिस द्वारा मामले की एंड-टू-एंड विवेचना के दौरान तस्करी में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की गई। इनमें उत्तर प्रदेश निवासी शारदा केसरवानी (19 वर्ष) और मनीष पासी (28 वर्ष) भी शामिल थे। दोनों घटना के बाद से फरार चल रहे थे।
तकनीकी टीम और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को दोनों के प्रयागराज में होने का पता चला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम उत्तर प्रदेश रवाना की गई और दोनों आरोपियों को प्रयागराज से पकड़कर जशपुर लाया गया।
दोनों आरोपियों को भेजा जेल
पूछताछ और विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने शारदा केसरवानी, निवासी तरोल घटवा, थाना करछना, जिला प्रयागराज तथा मनीष पासी, निवासी हाथगन पुरवा खास, थाना घूरपुर, जिला प्रयागराज को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस टीम की भूमिका
कार्रवाई में चौकी प्रभारी दोकड़ा उप निरीक्षक संतोष सिंह, प्रधान आरक्षक इग्नेशियूस, आरक्षक सुरेंद्र यादव और जयप्रताप एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जशपुर पुलिस के अनुसार मामले की एंड-टू-एंड विवेचना जारी है और तस्करी में संलिप्त अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।





