रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में घरघोड़ा पुलिस ने लगभग चार वर्षों से लापता दुष्कर्म पीड़िता को रायगढ़ से सकुशल बरामद कर न्यायालय के समक्ष उसकी उपस्थिति सुनिश्चित कराई। पीड़िता विशेष पॉक्सो प्रकरण क्रमांक 57/2021 में महत्वपूर्ण साक्षी है।

2022 से नहीं मिल रही थी जानकारी
मामला थाना घरघोड़ा में दर्ज अपराध क्रमांक 232/2021 से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। प्रकरण की सुनवाई के दौरान वर्ष 2022 में पीड़िता के लापता होने की जानकारी सामने आई। न्यायालय द्वारा लगातार समंस जारी किए जाने के बावजूद उसकी उपस्थिति नहीं हो पा रही थी।
विशेष टीम ने चलाया तलाश अभियान
पीड़िता की न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने विशेष टीम गठित की। पुलिस टीम ने परिजनों, सहेलियों और रिश्तेदारों से पूछताछ के साथ रायगढ़ सहित अन्य जिलों में भी संभावित स्थानों पर तलाश की।
पुलिस ने व्यवसायिक क्षेत्रों, फैक्ट्री क्षेत्रों, कोयला खदान क्षेत्रों और स्लम इलाकों में भी पतासाजी की।
रायगढ़ से बरामद, न्यायालय में कराई उपस्थिति
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 10 अगस्त 2026 को पीड़िता को रायगढ़ से बरामद कर लिया। इसके बाद 11 अगस्त को उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर उसकी उपस्थिति सुनिश्चित कराई गई। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के न्यायालय पहुंचने से लंबित पॉक्सो प्रकरण की न्यायिक कार्यवाही को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
पीड़िता की तलाश और न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराने में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, आरक्षक दिनेश सिदार, आरक्षक प्रदीप तिग्गा और आरक्षक हरीश पटेल की विशेष भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नाबालिग पीड़ितों को न्याय दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि कोई पीड़ित वर्षों से लापता हो, तब भी उसकी तलाश के प्रयास नहीं रुकेंगे और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए पुलिस पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता से कार्य करेगी।





