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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से रायगढ़ की माताओं को मिल रहा आर्थिक संबल

प्रथम जीवित संतान पर 5 हजार और द्वितीय संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन, जिले में अब तक 27049 महिलाएं लाभान्वित

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रायगढ़, 26 अगस्त 2026/ गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण, स्वास्थ्य देखभाल तथा मातृत्व संबंधी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ रायगढ़ जिले की महिलाओं को लगातार मिल रहा है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र महिलाओं को इसका लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2023-24 से जिले में अब तक 27 हजार 49 महिलाओं को योजना का लाभ मिल चुका है। साथ ही वर्तमान में 18 अगस्त 2026 तक 4432 महिलाओं की नई एन्ट्री की गई है। 

प्रथम संतान पर 5 हजार, दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के लिए कुल 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें प्रथम किस्त के रूप में 3 हजार रुपये तथा द्वितीय किस्त के रूप में 2 हजार रुपये का प्रावधान है। वहीं द्वितीय संतान बालिका होने पर एकमुश्त 6 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने तथा प्रसव पूर्व एवं प्रसव पश्चात स्वास्थ्य देखभाल के लिए आर्थिक सहयोग देना है। योजना का लाभ पात्र महिलाओं के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से सीधे पहुंचाया जाता है। इससे लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और योजना की राशि पारदर्शी तरीके से सीधे उनके खाते में पहुंचे।

4,432 महिलाओं की हुई नई एंट्री, खरसिया में सर्वाधिक 607

महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2026-27 में 18 अगस्त 2026 तक रायगढ़ जिले में कुल 4,432 महिलाओं की योजना के तहत नई एंट्री की जा चुकी है। जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में महिलाओं को योजना से जोड़ने का कार्य लगातार जारी है। क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार धरमजयगढ़ में 528, घरघोड़ा में 342, रायगढ़ शहरी में 500, कापू में 378, खरसिया में 607, लैलूंगा में 288, मुकडेगा में 237, पुसौर में 495, रायगढ़ ग्रामीण में 600 तथा तमनार में 457 महिलाओं की एंट्री की गई है। इन आंकड़ों में खरसिया 607 महिलाओं की एंट्री के साथ सबसे आगे है। इसके बाद रायगढ़ ग्रामीण में 600, धरमजयगढ़ में 528, रायगढ़ शहरी में 500 और पुसौर में 495 महिलाओं की एंट्री हुई है। इसी तरह तमनार में 457, कापू में 378, घरघोड़ा में 342, लैलूंगा में 288 और मुकडेगा में 237 महिलाओं को योजना से जोड़ा गया है। जिसमें प्रथम संतान वाली 3324 एवं द्वितीय संतान वाली 1108 महिला शामिल है। इस योजना का लाभ लेने के लिए रायगढ़ जिले की गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को भारी उत्साह भी देखे जा रहे है। जिसके परिणाम मूलक प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति विश्वास बढ़ता दिखाई दे रहा है।

इन महिलाओं को मिल सकता है योजना का लाभ

योजना के तहत निर्धारित पात्रता के अनुसार ऐसी महिलाओं को लाभ दिया जाता है जो निर्धारित श्रेणियों में आती हैं। इनमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाएं, 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली महिलाएं, गरीबी रेखा से नीचे राशन कार्ड धारक, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की लाभार्थी, ई-श्रम कार्ड धारक, किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिला किसान, मनरेगा जॉब कार्ड धारक, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशन कार्ड धारक तथा 8 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाली महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा गर्भवती एवं धात्री आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका तथा आशा कार्यकर्ता भी निर्धारित पात्रता के अनुसार योजना का लाभ ले सकती हैं।

पात्रता के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता से संबंधित निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक है। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का राशन कार्ड, गरीबी रेखा से नीचे का राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड, ई-श्रम कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, किसान सम्मान निधि प्रमाण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा आय प्रमाण संबंधी दस्तावेज शामिल हैं। लाभार्थी को योजना की प्रक्रिया के अनुसार आधार कार्ड अथवा आधार संख्या, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, अंतिम माहवारी की तिथि, प्रथम प्रसव पूर्व जांच की तिथि, बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना एवं राष्ट्रीय भुगतान निगम से जुड़ा होना तथा लाभार्थी का चेहरा पहचान सत्यापन जैसी जानकारियां एवं दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होते हैं।

पहली और दूसरी किस्त के लिए अलग-अलग प्रक्रिया

प्रथम जीवित संतान के लिए पहली किस्त प्राप्त करने हेतु आधार कार्ड अथवा आधार संख्या, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, अंतिम माहवारी की तिथि, प्रथम प्रसव पूर्व जांच की तिथि, आधार से जुड़ा एवं राष्ट्रीय भुगतान निगम से संबद्ध बैंक खाता तथा लाभार्थी का चेहरा पहचान सत्यापन आवश्यक है। दूसरी किस्त के लिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र एवं माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड के अनुसार 14 सप्ताह तक का टीकाकरण विवरण आवश्यक है। इसी तरह द्वितीय संतान बालिका होने पर निर्धारित सहायता के लिए आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, अंतिम माहवारी की तिथि, प्रथम प्रसव पूर्व जांच की तिथि, बैंक खाते की जानकारी, चेहरा पहचान सत्यापन, जन्म प्रमाण पत्र तथा टीकाकरण विवरण की प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है। 14 सप्ताह तक का टीकाकरण पूर्ण होना योजना की निर्धारित प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है।

ये महिलाएं योजना के लिए अपात्र होंगी

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सभी महिलाओं को स्वतः पात्र नहीं माना जाता है। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र की हितग्राही तथा शासकीय कर्मचारी योजना के लिए अपात्र हैं। इसलिए आवेदन या पंजीयन से पहले महिलाओं को अपनी पात्रता सुनिश्चित करना जरूरी है।

आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से मिल रही जानकारी

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा योजना की जानकारी पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं संबंधित मैदानी अमले के माध्यम से जागरूकता एवं पंजीयन का कार्य किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य है कि पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाएं योजना से वंचित न रहें और उन्हें निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन कराकर आर्थिक सहायता का लाभ मिल सके। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता न केवल महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही है, बल्कि मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ाव तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना से संबंधित अन्य विस्तृत जानकारी के लिए महिलाएं महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय में या अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केन्द्र में संपर्क कर लाभ प्राप्त कर सकती है।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
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