सर्व आदिवासी समाज ने मनाया शहीद वीरनारायण सिंह शहादत दिवस

चंद्र शेखर जायसवाल सहयोगी ममता साहू

लैलूँगा /छत्तीसगढ़ सोनाखान क़े लाल आदिवासी जमींदार ब्रिटिश हुकूमत क़े नाक में दम भरने वाले प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, गरीबों के मसीहा, शहीद वीरनारायण सिंह का शहादत दिवस सर्व आदिवासी समाज लैलूंगा द्वारा गोंड समाज भवन पाकरगाँव में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाज प्रमुखों द्वारा बलिदानी वीर नारायण सिंह के छाया चित्र में दीप धूप प्रज्वलित व पुष्प अर्पित कर शहीद वीरणारायण सिंह क़े जीवन गाथा का स्मरण कर पूजा अर्चना किया गया।

पूर्व विधायक हृदय राम राठिया ने शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करते हुए कहा कि सोनाखान के जमींदार वीर नारायण सिंह के द्वारा तदसमय अकाल होने से अपने जमीदारी क्षेत्र के प्रजा जो सभी समाज से थे उनके परेशानियों को देखते हुए अंग्रेजों के अनाज गोदाम से अनाज को निकालकर अपनी प्रजा में बंटवा दिया था। जिससे नाराज होकर अंग्रेजों ने वीर नारायण सिंह को जान से मार दिए। और जय स्तंभ चौक रायपुर में उन्हे तोप से उड़ा दिया। सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष अनत राम पैकरा ने कहा कि वीर पुरुष बलिदानी वीर नारायण सिंह आदिवासी समाज के लिए गौरव है। सोनाखान के जमींदार ने अपनी प्रजा के हित में काम करते हुए अपने प्राणों की आहूति दे दी थी। उनके बताए रास्तों को अंगीकृत करते हुए हम सबको समाज हित मे मिल जूल कर कार्य करना है और हर बाधाओं का सामना करते हुए आगे बढ़ने की बात कही। आयोजित कार्यक्रम में गोंड समाज के जिलाध्यक्ष रतन सिंह गोंड एंव सीमंत राम भगत ने वीर नारायण सिंह की जीवनी को याद करते हुए विस्तारपूर्वक बताया और कहा कि वीर नारायण सिंह के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता।सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानियों के वर्षों संघर्ष और बलिदान के बाद आज हम स्वतंत्र हैं। देश की आजादी के लिए अपनी जान देने वालों में एक नाम छत्तीसगढ़ के वीर नारायण सिंह का भी आता है। वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजों से हमारी आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी।
कार्यक्रम का संचालन देवचरण पैकरा ने किया एवं भवन साय पोर्ते ने आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन की घोषणा किए l इस अवसर पर नंदकुमार साय पैंकरा, रामधन राठिया, सीमांत राम भगत, रुद्रप्रताप सिंह सिदार, जालंधर एक्का, सत्यनारायण सिदार, बलराम सिदार, लक्ष्मीनारायण सिदार, गणेश सिदार, अयोध्या पैंकरा, गुलाब सिंह राठिया, अरुणकुमार पैंकरा, शेखर सिंह सिदार, श्यामलाल भगत, देवदत राठिया, संतोष कुमार सिदार, भगतराम सिदार, विकास सिदार, महिंद्रपाल सिदार, सेतराम पैंकरा, लोकेश सिंह सिदार, अनिल कुमार पैंकरा, ईश्वर मरावी, श्रीमती गीता सिदार, श्रीमती वृंदावती सिदार, सहित समाज के सदस्य उपस्थित थे।










