कमजोर विद्यार्थियों के लिए बनेगी अलग कार्ययोजना, नियमित इकाई परीक्षा और मेंटर शिक्षकों के जरिए पढ़ाई की होगी निगरानी
रायगढ़, 14 अक्टूबर 2026। जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के उद्देश्य से प्राचार्यों की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में हुई इस बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और ऑनलाइन पोर्टलों पर दर्ज प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी एस.एन. साहू और जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार उपस्थित रहे।

कमजोर विद्यार्थियों के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ने पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने, त्रैमासिक परीक्षा के परिणामों और आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों पर विशेष जोर दिया। विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर के आधार पर मेधावी और कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा हुई।
विद्यार्थियों की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए नियमित इकाई परीक्षाएं आयोजित करने, प्रश्न बैंक तैयार करने और विषयवार मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही मेंटर शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई की नियमित निगरानी करने तथा कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग देने की बात कही गई, ताकि बोर्ड परीक्षा के परिणामों में सुधार हो सके।
उपस्थिति और पाठ्यक्रम पूर्णता पर विशेष ध्यान
बैठक में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, पाठ्यक्रम की समयबद्ध पूर्णता और विद्यालयों में शिक्षण गतिविधियों के प्रभावी संचालन की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने शैक्षणिक कार्यों की नियमित निगरानी और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया।
छात्रवृत्ति और ऑनलाइन पोर्टलों की हुई समीक्षा
बैठक में माय भारत सहित अन्य संबंधित पोर्टलों पर पंजीयन, छात्रवृत्ति पंजीयन, जाति प्रमाण-पत्र बनाने के लक्ष्य एवं प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा प्रशस्त ऐप में विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग और यू-डाइस पोर्टल पर विद्यार्थियों की प्रगति से संबंधित कार्यों पर भी चर्चा हुई।
स्मार्ट क्लास से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक पर चर्चा
विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और सूचना-संचार तकनीक के उपयोग के साथ पीएमश्री विद्यालयों, बालवाड़ी, ज्ञान वाटिका, किचन गार्डन, स्वच्छता पखवाड़ा, क्विज गतिविधियों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) के संचालन की समीक्षा की गई।
विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जेईई, नीट और अन्य परीक्षाओं की तैयारी तथा करियर काउंसलिंग पर भी चर्चा हुई। साथ ही विद्यालय से बाहर रह गए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने, व्यावसायिक शिक्षा के पाठ्यक्रम को पूरा करने और निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई।
विद्यांजली योजना और लंबित प्रकरणों पर भी जोर
बैठक में विद्यांजली योजना के अंतर्गत स्वेच्छा से शैक्षणिक सामग्री दान करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने तथा विद्यालयों में आवश्यक सूचना फ्लेक्स प्रदर्शित करने पर चर्चा हुई। सीएम हेल्पलाइन से संबंधित प्रकरणों के निराकरण को भी समीक्षा में शामिल किया गया।
प्राचार्यों से अपेक्षा की गई कि वे विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित निगरानी करें, बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार करें और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना के अनुसार कार्य करें।











