रायगढ़, 22 अक्टूबर 2026। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के रायगढ़ क्षेत्र की जामपाली ओपन कास्ट खदान में गुरुवार को कंपनी सेफ्टी बोर्ड के सदस्यों ने निरीक्षण किया। इस दौरान खदान में सुरक्षा व्यवस्थाओं, कार्यस्थल की स्थिति और सुरक्षा नियमों के पालन का जायजा लिया गया। साथ ही, खदान क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के लिए इल्युमिनेशन सर्वे भी किया गया।
निरीक्षण के दौरान कंपनी सेफ्टी बोर्ड के सदस्य संजय सिंह (BMS), इंद्रदेव चौहान (CITU) एवं सौरभ पांडेय (ISO) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ एरिया जनरल मैनेजर मनोज कुमार, एरिया सेफ्टी ऑफिसर एन. वी. रमन्ना राव, एस.ओ. (E&M) एम.के. महापात्र, उपक्षेत्रीय प्रबंधक सहवाज अहमद, खान प्रबंधक प्रेमचंद मेहरा, खान अभियंता बृजेश कुमार कांत, सेफ्टी ऑफिसर के.के. नायक, उत्पादन प्रभारी खिलानंद कोमरे, पर्सनल मैनेजर ए. चौधरी, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑफिसर बालाजी गुप्ता तथा एम.आई.एल. प्रबंधक नितीन कुमार मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त जामपाली खदान की सुरक्षा समिति के सभी सदस्य और एन. महतो (जनरल सेफ्टी) भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।
सुरक्षा मानकों और प्रकाश व्यवस्था का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान खदान में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। इल्युमिनेशन सर्वे के माध्यम से कार्यस्थलों पर उपलब्ध प्रकाश की स्थिति का आकलन किया गया, ताकि खदान में सुरक्षित कार्य संचालन के लिए पर्याप्त रोशनी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
इस दौरान सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने, कार्यस्थल की परिस्थितियों में आवश्यक सुधार करने और संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया गया।
श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य खदान में सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन करना रहा। श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, प्रभावी सुरक्षा उपायों और निर्धारित मानकों के पालन की आवश्यकता पर बल दिया गया।
खदान में सुरक्षित एवं दुर्घटनामुक्त कार्य वातावरण बनाए रखने के लिए प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय को भी महत्वपूर्ण बताया गया। सुरक्षा मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन और समय-समय पर निरीक्षण खदान में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम भूमिका निभाते हैं।











