न्यायालय में विचाराधीन है जमीन का मामला, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की
रायगढ़। छतामुड़ा-बांजीपाली हल्का सीमा पर स्थित खसरा नंबर 155/2, 155/1ख और शासकीय भूमि 156 से जुड़े जमीन विवाद में नया घटनाक्रम सामने आया है। नेशनल हाईवे से कांशीराम चौक की ओर जाने वाली विवादित जमीन पर कथित तौर पर मलबा डालकर जमीन पाटने की कोशिश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में स्थानीय लोगों द्वारा पूछताछ किए जाने पर एक युवक कथित तौर पर गणेश अग्रवाल का नाम लेता सुनाई दे रहा है। हालांकि, वीडियो में किए गए दावे और संबंधित व्यक्ति की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि वीडियो करीब एक पखवाड़े पुराना है। आरोप है कि विवादित जमीन पर मलबा डालने का काम चल रहा था, तभी बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने मलबा डालने आए युवक को रोककर उससे पूछताछ की। इसी दौरान हुई बातचीत का वीडियो अब चर्चा में है।
वायरल वीडियो में युवक ने क्या कहा?
वीडियो में काली टी-शर्ट पहने एक युवक कथित तौर पर कहता सुनाई दे रहा है कि उसे सेठ ने मलबा हटवाने या खाली करवाने के लिए कहा था। बातचीत के दौरान वह गणेश अग्रवाल का नाम लेते हुए उन्हें हांडी चौक वाला बताता है। युवक यह भी कहता सुनाई देता है कि उसे जमीन मालिक और खसरा नंबर की जानकारी नहीं है।
वीडियो में कही गई बातों के आधार पर स्थानीय स्तर पर जमीन पर चल रहे काम को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, युवक के बयान की सत्यता, उसे काम सौंपने वाले व्यक्ति की पहचान और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहले से तहसील में लंबित है जमीन का विवाद
इस जमीन को लेकर किसान फतेहचंद पटेल ने तहसील कार्यालय में शिकायत की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एक ही खसरा नंबर को अलग-अलग हल्कों में दर्शाने और शासकीय मद की जमीन पर कब्जे की कोशिश से जुड़ी अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि जमीन का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
ऐसे में विवादित जमीन पर मलबा डालने और बाउंड्रीवॉल निर्माण की कथित कोशिश ने मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, जमीन के स्वामित्व, राजस्व रिकॉर्ड और निर्माण कार्य की वैधता से जुड़े तथ्यों का निर्धारण संबंधित दस्तावेजों और सक्षम प्राधिकारी की जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मांग की गई है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जाए, मौके पर हुए काम की परिस्थितियों का पता लगाया जाए और यदि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे या न्यायालय में विचाराधीन विवाद के बावजूद निर्माण की कोशिश हुई है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।











