रायगढ़, 30 अक्टूबर 2026। महिलाओं को संपत्ति का मालिकाना हक दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंजीयन शुल्क में दी जा रही छूट का जिले में सकारात्मक लाभ देखने को मिल रहा है। महिलाओं के नाम पर अचल संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत और मुद्रांक शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इस व्यवस्था के तहत रायगढ़ जिले में अब तक 1,786 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।
संपत्ति के स्वामित्व में महिलाओं की बढ़ रही भागीदारी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर लागू इस व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिलाने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
शासन की इस पहल से महिलाओं के नाम पर मकान, जमीन सहित अन्य अचल संपत्तियों के पंजीयन को प्रोत्साहन मिल रहा है। पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलने से संपत्ति खरीदने के दौरान महिलाओं को आर्थिक राहत भी मिल रही है।
रजिस्ट्री में मिली छूट से बच्चों की शिक्षा के लिए बचेगी राशि
रायगढ़ निवासी श्रीमती गीतू डालमिया ने हाल ही में मकान खरीदकर अपने नाम पर रजिस्ट्री कराई। उन्होंने बताया कि पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलने से उन्हें अच्छी-खासी आर्थिक राहत मिली है।
गीतू डालमिया के अनुसार, छूट के कारण बची हुई राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की उच्च शिक्षा और परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में कर सकेंगी। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की पहल
महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने वाली यह व्यवस्था उन्हें परिवार की आर्थिक संपत्तियों में भागीदारी का अवसर प्रदान कर रही है। रायगढ़ जिले में 1,786 महिलाओं को इसका लाभ मिलना इस योजना के प्रति बढ़ती सहभागिता को दर्शाता है। इससे महिलाओं के संपत्ति अधिकार को मजबूती मिलने के साथ परिवार की आर्थिक सुरक्षा में भी उनकी भूमिका बढ़ रही है।











