हाथी प्रभावित इलाकों में बड़ी हलचल लैलूंगा वन क्षेत्र में जोरदार बैठक, जंगल–गाँव बचाने की रणनीति बनी

हाथी प्रभावित इलाकों में बड़ी हलचल लैलूंगा वन क्षेत्र में जोरदार बैठक, जंगल–गाँव बचाने की रणनीति बनी

“हाथियों से दोस्ती, टकराव से दूरी”… वन विभाग ने खोला समझदारी का मंत्र

ओडिशा के विशेषज्ञों की एंट्री, ग्राउंड अनुभव ने बढ़ाया लोगों का हौसला

सरपंच–जनप्रतिनिधियों–वन अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों ने सीखी जान–माल बचाने की तकनीक

रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया लैलूंगा


लैलूंगा। दिनांक 28 दिसम्बर 2025—वन परिक्षेत्र लैलूंगा के हाथी प्रभावित परिक्षेत्र सहायक बृट तोलगे में आज वन प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में लैलूंगा वन परिक्षेत्राधिकारी, परिक्षेत्र सहायक तोलगे, वन रक्षक ऐंकरा, लमडांड़, कहरचुवां के साथ हाथी ट्रैकर दल तथा पड़ोसी राज्य उड़ीसा से पहुँचे 3 CFO, 2 BFO और 3 विशेषज्ञ हाथी ट्रैकर उपस्थित रहे।

ग्राम पंचायत तोलगे, लमडांड़ और बरडीह के सरपंच, जनपद  सदस्य, मंडल अध्यक्ष, पूर्वचिकित्सक,तोलगे–लमडांड़–कहरचुवां–पेटेबिरनी के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में महिला–पुरुष बैठक में शामिल हुए। माहौल गंभीर था लेकिन उम्मीद से भरा हुआ—क्योंकि आज बात सिर्फ समस्या की नहीं, समाधान की भी होनी थी!

बैठक में सबसे पहले नोवा नेचर वेलफेयर के प्रतिनिधि द्वारा हाथी–मानव द्वंद को कम करने और उससे बचाव को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि हाथी से लड़ना नहीं, समझदारी से सहअस्तित्व बनाना ही एकमात्र सुरक्षित रास्ता है। वहीं उड़ीसा से आए वन अधिकारियों ने अपने राज्य के अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह समय पर सूचना, शांत रहकर व्यवहार और सही रणनीति से बड़ी तबाही को टाला जा सकता है।

लमडांड़ के सरपंच ने अपने क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को सामने रखा—रात में हाथियों की आवाजाही, किसानों की फसल को नुकसान, ग्रामीणों में फैला डर… लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि अब जागरूकता और प्रशिक्षण से लोग ज्यादा सक्षम होंगे।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में डॉ. गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए ग्रामीणों को साफ संदेश दिया—“हाथियों का रास्ता कभी ब्लॉक न करें, उन्हें स्वतंत्र रूप से निकलने दें। उत्तेजित होने के बजाय धैर्य रखें, तभी जान भी बचेगी और जंगल भी।”

पूरी बैठक के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह दिखा। लोग न केवल ध्यान से सुनते रहे बल्कि कई सवाल भी पूछे—यानी डर के साथ-साथ जागरूकता भी बढ़ रही है।

निष्कर्ष साफ है — अब लैलूंगा तैयार है!
हाथियों के साथ संघर्ष नहीं, समझदारी और प्रबंधन के साथ सुरक्षित सहअस्तित्व की ओर आज एक बड़ा कदम उठा। अगर इसी तरह जागरूकता, सहयोग और रणनीति मिलती रही तो आने वाले दिनों में हाथी–मानव द्वंद घटेगा और आदिवासी अंचल में चैन की सांस लौटेगी…

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
spot_img
spot_img

अपना न्यूज़ पोर्टल - 9340765733

spot_img
spot_img
spot_img

Recent Posts

अमलीपाली में पानी की समस्या हुई दूरमहिलाओं को मिली बड़ी राहत, समय की हुई बचतस्वच्छ जल से बेहतर हुआ स्वास्थ्य और जीवन स्तर

पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा, रायगढ़ रायगढ़, 18 जून 2026/ विकासखंड पुसौर के ग्राम अमलीपाली, ग्राम पंचायत आमापाली में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के...

CHHATTISGARH NEWS

महतारी वंदन eKYC के नाम पर शुल्क लेने वालों पर होगी कड़ी कार्यवाहीमहतारी वंदन eKYC निशुल्क है, पैसे वसूलने वालों के खिलाफ होगी कार्यवाहीeKYC...

हितग्राहियों से पैसे वसूलने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाहीमहतारी वंदन eKYC में किसी प्रकार का शुल्क न दें, वसूली करने वालों पर होगी सख्त...

RAIGARH NEWS

अमलीपाली में पानी की समस्या हुई दूरमहिलाओं को मिली बड़ी राहत, समय की हुई बचतस्वच्छ जल से बेहतर हुआ स्वास्थ्य और जीवन स्तर

पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा, रायगढ़ रायगढ़, 18 जून 2026/ विकासखंड पुसौर के ग्राम अमलीपाली, ग्राम पंचायत आमापाली में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के...