रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया लैलूंगा





लैलूंगा में हाईटेक खेती का बिगुल! कुंजारा रोपणी में वैज्ञानिक ने दिया ताबड़तोड़ प्रशिक्षण, आधुनिक उद्यानिकी से बदलेंगे किसानों के दिन
लैलूंगा/ आज दिनांक 12.02.2026 को शासकीय उद्यान रोपणी कुंजारा, लैलूंगा जिला-रायगढ़ में राज्य पोषित योजना के अंतर्गत भव्य उद्यानिकी कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की ऐसी जानकारी दी गई, जिसने पारंपरिक खेती की सोच को बदलकर रख दिया। प्रशिक्षण सत्र में हाईटेक खेती की तकनीकों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
इस अवसर पर विशेष रूप से ग्रेटर नोएडा (उ.प्र.) स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी के वरिष्ठ प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एल.पी. सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए सॉइल सैंपलिंग की सही विधि, संरक्षित बागवानी खेती, ग्रीन हाउस प्रबंधन, मशरूम उत्पादन, हाइड्रोपोनिक तकनीक, वर्टिकल फार्मिंग तथा हाईटेक नर्सरी प्रबंधन पर गहन प्रशिक्षण दिया। उन्होंने उद्यानिकी फसलों में लगने वाले फंगस एवं विभिन्न बीमारियों की पहचान और उनके प्रभावी नियंत्रण के उपाय भी बताए। किसानों ने बड़े उत्साह के साथ सवाल-जवाब सत्र में भाग लिया और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की इच्छा जताई।
कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय दीपक सिदार (उपाध्यक्ष जिला पंचायत रायगढ़), ललित यादव (भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष रायगढ़), श्रीमती सौभागी गुप्ता (सभापति कृषि स्थायी समिति लैलूंगा), थबीरो यादव (उपाध्यक्ष मंडल लैलूंगा), रमेश पटनायक (पूर्व अध्यक्ष मंडल लैलूंगा), ललित प्रधान (पूर्व उपाध्यक्ष मंडल लैलूंगा) एवं दीपक शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। सभी जनप्रतिनिधियों ने किसानों को आधुनिक तकनीकों से जुड़ने और आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथियों ने कहा कि आज का युग वैज्ञानिक खेती का है। यदि किसान सॉइल टेस्टिंग, ग्रीन हाउस, हाइड्रोपोनिक और वर्टिकल फार्मिंग जैसी तकनीकों को अपनाते हैं तो कम जमीन में अधिक उत्पादन संभव है। इससे किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और लैलूंगा क्षेत्र उद्यानिकी के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।
कार्यक्रम में उद्यानिकी विभाग से कविता पैकरा (ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी, प्रभारी उद्यान अधीक्षक) एवं अनमोल चौहान (माली) , शम्भु चरण , प्रमिला पैंकरा सहित बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसानों को नई-नई तकनीकों की जानकारी मिलती रहे।
कुल मिलाकर कुंजारा रोपणी में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ। आधुनिक तकनीक की यह दस्तक आने वाले समय में लैलूंगा के खेतों में नई हरियाली और समृद्धि का रास्ता खोल सकती है।







