रायपुर। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रेलवे के रायपुर मंडल ने स्लीपर कोच में भी बेडरोल (चादर और तकिया) सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है। यह सुविधा 6 अप्रैल 2026 से लागू होगी, जिससे खासतौर पर आम यात्रियों को यात्रा के दौरान ज्यादा आराम मिल सकेगा।
इन ट्रेनों से होगी शुरुआत
पहले चरण में 6 अप्रैल से दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में यह सुविधा शुरू की जाएगी। इसके बाद 10 अप्रैल तक दुर्ग से चलने वाली कुल 10 प्रमुख ट्रेनों में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। यह पहली बार होगा जब स्लीपर कोच के यात्रियों को भी बेडरोल की सुविधा दी जाएगी।
70 रुपये में मिलेगा पूरा सेट
यात्रियों को इस सुविधा के लिए 70 रुपये का शुल्क देना होगा। इस राशि में 2 चादर, 1 तकिया और 1 तकिया कवर उपलब्ध कराया जाएगा। अब तक यह सुविधा केवल एसी कोच में ही मिलती थी, लेकिन अब स्लीपर क्लास के यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
पीएनआर के आधार पर मिलेगा बेडरोल

रेलवे द्वारा नियुक्त एजेंसी बेडरोल देने से पहले यात्री का पीएनआर नंबर और बर्थ क्रमांक दर्ज करेगी। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और सेवा का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। इसके अलावा, बेडरोल रखने के लिए हर ट्रेन में एजेंसी को 2 बर्थ उपलब्ध कराई जाएंगी। एजेंसी ने इसके लिए S-3 या S-4 कोच में जगह देने की मांग की है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से खासकर लंबी दूरी के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और यात्रा का अनुभव पहले से अधिक आरामदायक बनेगा।







