
पूर्व सेवा से पेंशन लेने हर संभव प्रयास जारी रखेंगे
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी मामले में अपने पक्ष को मजबूती से रखने और किसी भी एकपक्षीय निर्णय को रोकने के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में ‘कैविएट’ नंबर 8484/2026 दिनांक 5/5/2026 को दाखिल की है। यह कैविएट संघ के कोंडागांव जिलाध्यक्ष ऋषिदेव सिंह के माध्यम से एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड श्री आशुतोष घड़े जी द्वारा दायर की गई है।
यह मामला छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा WPS No. 5699 of 2021 (दिनांक 17.02.2026), WPS 2930/2021और WA No. 325 of 2026 (दिनांक 23.04.2026) में दिए गए निर्णयों से संबंधित है। चूंकि राज्य सरकार या अन्य पक्ष इन फैसलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर सकते हैं, इसलिए एसोसिएशन ने पहले ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है।
कैविएट दायर होने के बाद, अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले में शिक्षकों का पक्ष सुने बिना कोई भी स्थगन आदेश या विपरीत फैसला नहीं दे सकेगा।
यदि राज्य सरकार या कोई अन्य पक्ष सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाता है, तो न्यायालय के लिए एसोसिएशन (कैविएटर) को नोटिस जारी करना और सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य होगा।
प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी व जिला अध्यक्ष कोंडागांव ऋषिदेव सिंह ने बताया कि शिक्षकों के न्यायसंगत अधिकारों और उच्च न्यायालय से मिली जीत को बरकरार रखने के लिए यह कानूनी कदम उठाना अत्यंत आवश्यक था।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, जिला सचिव बोधी राम साहू, जिला संयोजक विजय प्रधान, ब्लॉक अध्यक्ष विनोद चौबे, उमेश तेम्बुलकर, माखन राठौर, विकेश केशरवानी, रामकृपाल डड़सेना, शिव पटेल, रामलाल डडसेना, उमेश दुबे ने कहा है कि हम शिक्षकों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देंगे। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हमारे पक्ष में जो निर्णय दिए हैं, उन्हें उच्चतम न्यायालय में भी सुरक्षित रखने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। यह कैविएट सुनिश्चित करती है कि हमारी बात सुने बिना कोई भी आदेश पारित नहीं होगा।”
पूर्व सेवा से पेंशन लेने हर संभव प्रयास जारी रखेंगे
टीचर्स एसोसिएशन ने पेंशन के सम्बंध में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर करने वाले बम्हनीडीह एवं अकलतरा ब्लॉक के सभी शिक्षकों की सराहना करते हुए पेंशन की मांग के लिए एकजुट रहने की अपील की है।
टीचर्स एसोसिएशन ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से अपील किया है कि कैविएट लगाने का व्यय टीचर्स एसोसिएशन स्वयं वहन किया गया है। कैविएट के लिए किसी भी शिक्षक से कोई शुल्क नही लिया गया है। राशि कलेक्शन का प्रयास करने वालो से सतर्क रहना जरूरी है।
साथ ही सांगठनिक स्तर से भी संविलियन पूर्व प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर पूर्ण पेंशन के लिए सरकार से विभिन्न माध्यम से चर्चा कर प्रयास किया जाएगा।
माननीय न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि संविलियन पूर्व की गई सेवा को अप्रासंगिक मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राज्य शासन को निर्देश दिया है कि सेवा की निरंतरता, कार्य की प्रकृति, वेतन के स्रोत और प्रशासनिक नियंत्रण के साथ-साथ संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया है कि पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि एक कल्याणकारी योजना है जिस पर कर्मचारियों का अधिकार है।








